भारत ने एक बार फिर वैश्विक मंच पर अपनी मजबूत और संतुलित व्यापारिक नीति का परिचय दिया है। के नेतृत्व में भारतीय प्रतिनिधिमंडल (डब्ल्यूटीओ) के 14वें मंत्रिस्तरीय सम्मेलन में भाग ले रहा है, जो , में 26 मार्च 2026 से आयोजित हो रहा है।

🔍 सम्मेलन का उद्देश्य और भारत का दृष्टिकोण
डब्ल्यूटीओ का यह सम्मेलन वैश्विक व्यापार प्रणाली में सुधार और संतुलन स्थापित करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस अवसर पर भारत ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार के सुधार पारदर्शी, समावेशी और सदस्य-आधारित प्रक्रिया के माध्यम से ही होने चाहिए।
पीयूष गोयल ने जोर देते हुए कहा कि विकासशील देशों के हितों को केंद्र में रखते हुए डब्ल्यूटीओ की नीतियों को आगे बढ़ाना आवश्यक है। उन्होंने संगठन के मूल सिद्धांतों—
- भेदभाव-रहित नीति
- सर्वसम्मति आधारित निर्णय
- निष्पक्षता और समानता
को बनाए रखने पर विशेष बल दिया।
🤝 द्विपक्षीय संबंधों को मजबूती
सम्मेलन के दौरान भारत ने न केवल बहुपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की, बल्कि विभिन्न देशों के साथ अपने द्विपक्षीय संबंधों को भी मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाए।
पीयूष गोयल ने (कैमरून के प्रधानमंत्री) से मुलाकात की, जिसमें भारत–कैमरून सहयोग को और विस्तार देने पर चर्चा हुई।
इसके अलावा, उन्होंने (डब्ल्यूटीओ की महानिदेशक) के साथ भी वार्ता की, जिसमें सम्मेलन के एजेंडे और वैश्विक व्यापार के प्रमुख मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।
भारत ने नीदरलैंड, फ्रांस और इथियोपिया सहित कई देशों के साथ भी द्विपक्षीय वार्ताएं कीं, जिससे व्यापारिक संबंधों को और गहरा करने का प्रयास किया गया।
📈 एफटीए (Free Trade Agreements) पर प्रगति
सम्मेलन के दौरान भारत के वाणिज्य सचिव ने कई देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) पर चर्चा की।
- चिली और पेरू के साथ एफटीए वार्ता में प्रगति
- यूरोपीय संघ और न्यूजीलैंड के साथ समझौतों पर हस्ताक्षर की दिशा में आगे बढ़ना
ये प्रयास भारत की वैश्विक व्यापार रणनीति को मजबूत करने के संकेत देते हैं।
🐟 मत्स्य पालन सब्सिडी समझौते पर चर्चा
सम्मेलन में 2025 में लागू हुए मत्स्य पालन सब्सिडी समझौते का भी उल्लेख किया गया। यह समझौता समुद्री संसाधनों के संरक्षण और सतत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
🌐 भारत की वैश्विक भूमिका
भारत लगातार यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहा है कि वैश्विक व्यापार व्यवस्था में संतुलन और न्याय बना रहे। विकासशील देशों की आवाज़ को मजबूत करना और समान अवसर सुनिश्चित करना भारत की प्राथमिकता है।
डब्ल्यूटीओ के इस मंच पर भारत की सक्रिय भागीदारी यह दर्शाती है कि वह न केवल अपने हितों की रक्षा कर रहा है, बल्कि वैश्विक व्यापार को अधिक निष्पक्ष और समावेशी बनाने में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
✨ निष्कर्ष
डब्ल्यूटीओ का 14वां मंत्रिस्तरीय सम्मेलन भारत के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है, जहां वह अपने विचारों और नीतियों के माध्यम से वैश्विक व्यापार के भविष्य को दिशा देने का प्रयास कर रहा है।
भारत का यह रुख स्पष्ट करता है कि वह समानता, पारदर्शिता और विकास को प्राथमिकता देते हुए विश्व व्यापार में एक संतुलित और जिम्मेदार नेतृत्व निभाना चाहता है।