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जम्मू-कश्मीर में FLNAT परीक्षा: साक्षर भारत की दिशा में मजबूत कदम

सांकेतिक तस्वीर

जम्मू-कश्मीर में 29 मार्च 2026 को आयोजित Foundational Literacy and Numeracy Assessment Test (FLNAT) ने देश के साक्षरता अभियान को नई ऊर्जा प्रदान की है। यह परीक्षा ULLAS – नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित की गई, जिसका मुख्य उद्देश्य देश के हर नागरिक को बुनियादी पढ़ने-लिखने और गणना करने की क्षमता से सशक्त बनाना है।

इस परीक्षा में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी देखने को मिली, जो इस बात का संकेत है कि समाज के विभिन्न वर्गों में शिक्षा के प्रति जागरूकता तेजी से बढ़ रही है। खासकर ग्रामीण और दूर-दराज के इलाकों में लोगों का उत्साह यह दर्शाता है कि अब शिक्षा केवल बच्चों तक सीमित नहीं रही, बल्कि वयस्क भी इसे अपने जीवन को बेहतर बनाने का माध्यम मान रहे हैं।

FLNAT का उद्देश्य केवल ज्ञान का आकलन करना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि शिक्षार्थी वास्तविक जीवन में पढ़ने, लिखने और गणना से जुड़े कार्यों को आसानी से कर सकें। इस पहल के जरिए सरकार यह देखना चाहती है कि साक्षरता कार्यक्रम का प्रभाव जमीनी स्तर पर कितना पड़ा है और किन क्षेत्रों में और सुधार की आवश्यकता है।

जम्मू-कश्मीर में आयोजित इस परीक्षा के दौरान महिलाओं और बुजुर्गों की सक्रिय भागीदारी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। यह बदलाव इस बात का प्रमाण है कि अब समाज में शिक्षा के प्रति सोच सकारात्मक हो रही है और लोग अपने अधिकारों और अवसरों के प्रति अधिक सजग हो रहे हैं।

नव भारत साक्षरता कार्यक्रम का लक्ष्य वर्ष 2030 तक भारत को पूर्णतः साक्षर बनाना है। इस दिशा में FLNAT जैसी पहलें मील का पत्थर साबित हो रही हैं। यह न केवल शिक्षा के स्तर को बढ़ाने में सहायक हैं, बल्कि समाज में आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास को भी प्रोत्साहित करती हैं।

अंततः, जम्मू-कश्मीर में FLNAT का सफल आयोजन यह दर्शाता है कि जब सरकार और समाज मिलकर प्रयास करते हैं, तो बड़े से बड़े लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। यह पहल एक सशक्त, जागरूक और साक्षर भारत के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

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