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नदियों के पुनर्जीवन की दिशा में बड़ा कदम: सशक्त कार्य बल की 18वीं बैठक आयोजित

सांकेतिक तस्वीर

देश की नदियों को स्वच्छ और अविरल बनाने के प्रयासों को नई गति देने के लिए 30 मार्च 2026 को सशक्त कार्य बल (ईटीएफ) की 18वीं बैठक आयोजित की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने की, जिसमें नदी संरक्षण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक का मुख्य उद्देश्य नदियों के पुनर्जीवन से संबंधित चल रही परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करना और भविष्य की रणनीतियों को और प्रभावी बनाना था। इस दौरान राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के अंतर्गत संचालित योजनाओं की उपलब्धियों और चुनौतियों पर विशेष ध्यान दिया गया।

नमामि गंगा कार्यक्रम पर विशेष फोकस

बैठक में नमामि गंगा कार्यक्रम को और तेज़ी से आगे बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विचार-विमर्श हुआ। इसमें नीतिगत सुधार, बेहतर बुनियादी ढांचा और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय को मजबूत बनाने पर जोर दिया गया।

विशेष रूप से सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, घाटों के विकास, नदी सतह की सफाई और औद्योगिक अपशिष्ट प्रबंधन जैसे मुद्दों की समीक्षा की गई। साथ ही यह सुनिश्चित करने पर बल दिया गया कि सभी परियोजनाएं तय समयसीमा के भीतर पूर्ण हों और उनके परिणाम ज़मीनी स्तर पर स्पष्ट रूप से दिखाई दें।

समन्वय और तकनीकी नवाचार पर जोर

बैठक में यह भी रेखांकित किया गया कि केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर तालमेल से ही नदी संरक्षण के प्रयास सफल हो सकते हैं। आधुनिक तकनीकों और नवाचारों के उपयोग से निगरानी प्रणाली को और मजबूत बनाने पर भी सहमति बनी।

जनभागीदारी की अहम भूमिका

नदी पुनर्जीवन को केवल सरकारी प्रयासों तक सीमित न रखते हुए इसमें आम जनता की भागीदारी को भी आवश्यक बताया गया। लोगों को जागरूक करने, स्थानीय स्तर पर सफाई अभियान चलाने और पारंपरिक जल संरक्षण तरीकों को अपनाने पर जोर दिया गया।

निष्कर्ष

सशक्त कार्य बल की यह बैठक नदियों के संरक्षण और पुनर्जीवन के प्रति सरकार की गंभीर प्रतिबद्धता को दर्शाती है। यदि तय रणनीतियों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाता है, तो आने वाले समय में देश की प्रमुख नदियों को स्वच्छ, निर्मल और जीवनदायिनी बनाने का लक्ष्य निश्चित रूप से हासिल किया जा सकता है।

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