
डिजिटल युग में जहां तकनीक ने हमारी जिंदगी को आसान बनाया है, वहीं साइबर अपराधियों ने भी नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को ठगने का रास्ता ढूंढ लिया है। हाल ही में “कॉल फॉरवर्डिंग स्कैम” तेजी से फैल रहा है, जिसमें एक छोटी सी लापरवाही आपके बैंक खाते और निजी जानकारी के लिए बड़ा खतरा बन सकती है।
कैसे होता है यह स्कैम?
इस धोखाधड़ी में अपराधी खुद को कूरियर कंपनी, बैंक कर्मचारी या किसी सेवा प्रदाता के रूप में पेश करते हैं। वे आपको कॉल करके बताते हैं कि आपकी कोई डिलीवरी लंबित है या कोई जरूरी सेवा अपडेट करनी है। इसके बाद वे आपको *21 जैसे किसी कोड को डायल करने के लिए कहते हैं।
जैसे ही आप यह कोड डायल करते हैं, आपके फोन की कॉल फॉरवर्डिंग सुविधा सक्रिय हो जाती है। इसका मतलब यह है कि आपके पास आने वाली कॉल्स—खासतौर पर बैंक OTP—सीधे ठगों के नंबर पर चली जाती हैं। इस तरह वे आसानी से आपके बैंक खाते तक पहुंच बना लेते हैं।
क्यों है यह खतरनाक?
कॉल फॉरवर्डिंग स्कैम बेहद खतरनाक इसलिए है क्योंकि इसमें आपको सीधे पैसे ट्रांसफर करने के लिए नहीं कहा जाता, बल्कि आपकी जानकारी और OTP हासिल करके चुपचाप आपके खाते से रकम निकाल ली जाती है। कई बार पीड़ित को तब तक पता भी नहीं चलता, जब तक बड़ा नुकसान नहीं हो जाता।
कैसे बचें इस धोखाधड़ी से?
- अनजान नंबर से आए किसी भी निर्देश का पालन न करें।
- किसी भी व्यक्ति के कहने पर *21 या अन्य संदिग्ध कोड डायल न करें।
- अपने OTP, बैंक डिटेल्स और निजी जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
- यदि कोई कॉल संदिग्ध लगे, तो तुरंत कॉल काट दें और संबंधित कंपनी से आधिकारिक नंबर पर संपर्क करें।
अगर गलती से कॉल फॉरवर्डिंग चालू हो जाए तो क्या करें?
यदि आपने गलती से ऐसा कोई कोड डायल कर दिया है, तो तुरंत ##002# डायल करके कॉल फॉरवर्डिंग को बंद करें। यह एक जरूरी कदम है, जिससे आगे होने वाले नुकसान को रोका जा सकता है।
शिकायत कहां करें?
अगर आप इस तरह के साइबर अपराध का शिकार हो जाते हैं, तो तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें। साथ ही, अपनी शिकायत आधिकारिक वेबसाइट cybercrime.gov.in पर दर्ज करें। समय पर की गई शिकायत से आपका नुकसान कम किया जा सकता है और अपराधियों तक पहुंचने में भी मदद मिलती है।
निष्कर्ष
कॉल फॉरवर्डिंग स्कैम यह साबित करता है कि साइबर अपराधी अब बेहद चालाक हो चुके हैं। इसलिए जरूरी है कि हम सतर्क रहें और किसी भी अनजान कॉल या संदेश पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। आपकी जागरूकता ही आपकी सबसे बड़ी सुरक्षा है।