
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच आर्थिक संबंधों ने पिछले कुछ वर्षों में उल्लेखनीय प्रगति की है। आर्थिक सहयोग एवं व्यापार समझौता (Economic Cooperation and Trade Agreement – ECTA) के चार वर्ष पूरे होने के साथ यह साझेदारी और भी सशक्त रूप में उभरकर सामने आई है। यह समझौता न केवल द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाने का माध्यम बना है, बल्कि दोनों देशों के बीच विश्वास, निवेश और आर्थिक सहयोग को भी नई दिशा प्रदान कर रहा है।
व्यापार में उल्लेखनीय वृद्धि
ECTA के लागू होने के बाद भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आई है। वर्ष 2024-25 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 24.1 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया, जो इस समझौते की सफलता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। भारत के निर्यात में विशेष रूप से वृद्धि देखने को मिली है, जिसमें इंजीनियरिंग सामान, टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल्स, रत्न एवं आभूषण जैसे क्षेत्रों का प्रमुख योगदान रहा है।
टैरिफ में राहत और निर्यात को बढ़ावा
ECTA के तहत ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 100 प्रतिशत टैरिफ लाइन की पहुंच प्रदान की है। इसका अर्थ है कि भारतीय उत्पादों को ऑस्ट्रेलियाई बाजार में लगभग पूर्ण रूप से शुल्क-मुक्त प्रवेश मिल रहा है। इतना ही नहीं, वर्ष 2026 से सभी भारतीय निर्यातों पर शून्य शुल्क (Zero Tariff) लागू हो जाएगा, जिससे भारतीय निर्यातकों को और अधिक प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलेगी।
यह कदम भारतीय उद्योगों के लिए एक बड़ा अवसर साबित हो रहा है, खासकर MSME सेक्टर के लिए, जिन्हें वैश्विक बाजार में विस्तार का मौका मिल रहा है।
निवेश और रोजगार के नए अवसर
इस समझौते के कारण दोनों देशों के बीच निवेश में भी वृद्धि हुई है। ऑस्ट्रेलियाई कंपनियां भारत में शिक्षा, खनन, ऊर्जा और बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों में निवेश कर रही हैं। वहीं, भारतीय कंपनियां भी ऑस्ट्रेलिया में आईटी, सेवा और निर्माण क्षेत्रों में अपनी उपस्थिति मजबूत कर रही हैं।
इससे न केवल आर्थिक विकास को गति मिली है, बल्कि दोनों देशों में रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न हुए हैं।
रणनीतिक और आर्थिक संबंधों में मजबूती
ECTA केवल एक व्यापार समझौता नहीं है, बल्कि यह भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच रणनीतिक साझेदारी को भी मजबूत करता है। दोनों देश इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्थिरता, सुरक्षा और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।
भविष्य की संभावनाएं
आने वाले समय में ECTA के आधार पर एक व्यापक Comprehensive Economic Cooperation Agreement (CECA) की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं। यदि यह समझौता लागू होता है, तो दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश का स्तर और भी अधिक बढ़ सकता है।
निष्कर्ष
चार वर्षों में ECTA ने यह सिद्ध कर दिया है कि सही नीति और पारस्परिक सहयोग से अंतरराष्ट्रीय व्यापार को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बढ़ती आर्थिक साझेदारी न केवल दोनों देशों के लिए लाभकारी है, बल्कि यह वैश्विक व्यापार संतुलन में भी एक सकारात्मक योगदान दे रही है।
इस प्रकार, ECTA आने वाले वर्षों में भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में एक मजबूत आधारशिला साबित होगा।
