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ऑरेंज इकोनॉमी को रफ्तार: कंटेंट क्रिएटर लैब्स और स्किल डेवलपमेंट से AVGC सेक्टर को नई उड़ान

सांकेतिक तस्वीर

भारत सरकार ने #OrangeEconomy (रचनात्मक अर्थव्यवस्था) को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। बजट 2026-27 में AVGC (Animation, Visual Effects, Gaming & Comics) सेक्टर के लिए विशेष प्रावधान करते हुए देशभर में कंटेंट क्रिएटर लैब्स और कौशल विकास कार्यक्रमों का विस्तार करने की घोषणा की गई है। यह पहल न केवल युवाओं को नई तकनीकी और रचनात्मक क्षमताओं से लैस करेगी, बल्कि भारत को वैश्विक डिजिटल कंटेंट हब बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

कंटेंट क्रिएटर लैब्स: नई पीढ़ी के लिए अवसर

सरकार ने देश के 15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटर लैब्स स्थापित करने की योजना बनाई है। इन लैब्स के माध्यम से छात्रों को शुरुआती स्तर से ही एनीमेशन, वीडियो एडिटिंग, गेम डिजाइन, डिजिटल स्टोरीटेलिंग और XR (Extended Reality) जैसी आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण मिलेगा।

इस पहल का उद्देश्य युवाओं को केवल नौकरी खोजने वाला नहीं, बल्कि रोजगार सृजक (Job Creator) बनाना है। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के बढ़ते प्रभाव के बीच यह कदम छात्रों को ग्लोबल मार्केट के लिए तैयार करेगा।

IICT: AVGC-XR सेक्टर का राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र

Indian Institute of Creative Technologies (IICT) को AVGC-XR सेक्टर के लिए राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र (NCoE) के रूप में विकसित किया जा रहा है। यह संस्थान वर्तमान में National Film Development Corporation (NFDC) के मुंबई स्थित परिसर से जुलाई 2025 से संचालित हो रहा है।

IICT का उद्देश्य उच्च गुणवत्ता वाले प्रशिक्षण, अनुसंधान और उद्योग-आधारित शिक्षा के माध्यम से भारत को AVGC सेक्टर में वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ाना है।

प्रशिक्षण और कोर्सेस की प्रगति

वर्तमान में IICT में:

यह आंकड़े दर्शाते हैं कि सरकार की यह पहल शुरुआती चरण में ही सकारात्मक परिणाम दे रही है।

AVGC सेक्टर: रोजगार और निर्यात का बड़ा केंद्र

AVGC सेक्टर तेजी से बढ़ता हुआ उद्योग है, जो आने वाले वर्षों में लाखों रोजगार उत्पन्न कर सकता है। भारत में डिजिटल कंटेंट की मांग और वैश्विक आउटसोर्सिंग के अवसर इस क्षेत्र को और भी महत्वपूर्ण बनाते हैं।

सरकार का यह प्रयास स्टार्टअप्स, फ्रीलांसरों और क्रिएटिव प्रोफेशनल्स को एक मजबूत प्लेटफॉर्म देगा, जिससे भारत की डिजिटल और रचनात्मक अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई मिलेगी।

निष्कर्ष

ऑरेंज इकोनॉमी को बढ़ावा देने के लिए उठाए गए ये कदम भारत के युवाओं को नई दिशा देने वाले हैं। कंटेंट क्रिएटर लैब्स, IICT जैसे संस्थानों और स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रमों के माध्यम से भारत न केवल अपने प्रतिभाशाली युवाओं को सशक्त करेगा, बल्कि वैश्विक AVGC उद्योग में भी अपनी मजबूत पहचान बनाएगा।

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