
उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जनपद में आयोजित ‘संपूर्ण समाधान दिवस’ एक बार फिर प्रशासन और जनता के बीच संवाद का सशक्त माध्यम बनकर उभरा। इस अवसर पर जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने तहसील अकबरपुर में पहुंचकर आम नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनके समाधान के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
इस कार्यक्रम में जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक सहित कई प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। उन्होंने फरियादियों की शिकायतों को न केवल सुना, बल्कि मौके पर ही उनके निस्तारण के प्रयास भी किए। अधिकारियों ने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि शिकायतों का समाधान तय समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से किया जाए, ताकि जनता को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
संपूर्ण समाधान दिवस का मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक पारदर्शिता को बढ़ावा देना और जनता को एक ही मंच पर उनकी समस्याओं का समाधान उपलब्ध कराना है। इस पहल के तहत राजस्व, पुलिस, विकास, स्वास्थ्य और अन्य विभागों के अधिकारी एक साथ उपस्थित रहते हैं, जिससे विभिन्न प्रकार की शिकायतों का त्वरित और समन्वित समाधान संभव हो पाता है।
कार्यक्रम के दौरान ‘पोषण वितरण अभियान’ का भी शुभारंभ किया गया। इसके अंतर्गत जरूरतमंद महिलाओं और बच्चों को पोषण सामग्री वितरित कर उन्हें स्वस्थ जीवन के प्रति जागरूक किया गया। अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य कुपोषण को समाप्त करना और समाज के कमजोर वर्गों को सशक्त बनाना है।
स्थानीय नागरिकों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों से प्रशासन पर विश्वास बढ़ता है और समस्याओं का समाधान तेजी से होता है। वहीं अधिकारियों ने भी आश्वासन दिया कि भविष्य में भी ऐसे आयोजन नियमित रूप से किए जाते रहेंगे, ताकि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके।
कुल मिलाकर, ‘संपूर्ण समाधान दिवस’ प्रशासनिक संवेदनशीलता और जवाबदेही का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जो जनकल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है।
