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चित्रकूट में झोलाछाप डॉक्टर और युवती के अपहरण का मामला: प्रशासन पर उठे सवाल

लवलेश कुमार चित्रकूट

रिपोर्टर हिट एंड हॉट न्यूज़

चित्रकूट जनपद के रैपुरा थाना क्षेत्र में स्थित लौरी गांव के कुर्मी का पुरवा से एक चिंताजनक मामला सामने आया है, जिसने स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य व्यवस्था दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह घटना न केवल कानून-व्यवस्था की स्थिति को उजागर करती है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध चिकित्सा प्रैक्टिस के खतरों को भी सामने लाती है।

झोलाछाप डॉक्टर का अवैध क्लिनिक

जानकारी के अनुसार, एक व्यक्ति जो खुद को डॉक्टर बताता है, वह लोखरी ग्राम सभा में बिना किसी वैध डिग्री या अनुमति के क्लिनिक संचालित कर रहा था। ग्रामीणों के अनुसार, यह व्यक्ति लंबे समय से इलाके में इलाज के नाम पर लोगों का भरोसा जीत रहा था, जबकि उसकी योग्यता संदिग्ध थी। इस तरह के झोलाछाप डॉक्टर ग्रामीणों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं।

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युवती के साथ घटना

इसी बीच एक गंभीर घटना घटी, जब एक युवती अपने डेरे से दूध लेकर लौट रही थी। आरोप है कि कौलसन अली नामक युवक ने उसे जबरन पकड़कर भगा लिया। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी।

पुलिस की कार्रवाई

मामले की जानकारी मिलते ही मानिकपुर थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए कार्रवाई की और आरोपी युवक को पकड़ लिया। वर्तमान में आरोपी को रैपुरा थाना में रखा गया है, जहां उससे पूछताछ की जा रही है।

प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल

इस पूरे मामले ने प्रशासनिक लापरवाही को उजागर किया है। एक ओर जहां बिना लाइसेंस के झोलाछाप डॉक्टर खुलेआम क्लिनिक चला रहे हैं, वहीं दूसरी ओर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंताएं सामने आई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते इन अवैध गतिविधियों पर रोक लगाई जाती, तो शायद ऐसी घटनाओं को टाला जा सकता था।

ग्रामीणों की मांग

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि:

झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए

गांवों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाया जाए

महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएं

निष्कर्ष

यह घटना एक चेतावनी है कि ग्रामीण क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना बेहद जरूरी है। प्रशासन को चाहिए कि वह इस मामले में निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कड़ी सजा दिलाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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