
उत्तराखंड में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस ने नशे में ड्राइविंग और सार्वजनिक स्थानों पर हुड़दंग करने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। हाल ही में जनपद पिथौरागढ़ और धारचूला क्षेत्र में चलाए गए विशेष अभियान के तहत कई महत्वपूर्ण कार्रवाइयाँ की गईं, जो समाज में अनुशासन और सुरक्षा का संदेश देती हैं।
पुलिस द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार, धारचूला में सार्वजनिक शांति भंग करने के आरोप में एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया। वहीं, अस्कोट क्षेत्र में शराब के नशे में वाहन चलाते हुए पकड़े गए चालक को गिरफ्तार कर उसका वाहन भी जब्त कर लिया गया। यह कार्रवाई न केवल कानून के उल्लंघन को रोकने के लिए की गई, बल्कि इससे अन्य लोगों को भी सख्त संदेश दिया गया है कि यातायात नियमों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस अभियान को “मिशन मर्यादा” के अंतर्गत अंजाम दिया गया, जिसके तहत कुल 170 लोगों पर सख्त कार्रवाई की गई। इनमें नशे में वाहन चलाने, सार्वजनिक स्थानों पर उपद्रव करने और नियमों की अनदेखी करने वाले शामिल हैं। पुलिस की इस पहल का उद्देश्य समाज में अनुशासन बनाए रखना और नागरिकों को सुरक्षित वातावरण प्रदान करना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि नशे में ड्राइविंग न केवल चालक के लिए, बल्कि सड़क पर चलने वाले हर व्यक्ति के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। ऐसे में पुलिस की यह कार्रवाई समय की मांग के अनुरूप है। इससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी आने की उम्मीद भी जताई जा रही है।
उत्तराखंड पुलिस की इस मुहिम ने यह स्पष्ट कर दिया है कि कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कोई ढील नहीं बरती जाएगी। साथ ही, आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे जिम्मेदार नागरिक बनें, यातायात नियमों का पालन करें और नशे से दूर रहकर समाज में सकारात्मक योगदान दें।
यह सख्त कार्रवाई न केवल कानून व्यवस्था को मजबूत करती है, बल्कि समाज में सुरक्षा और विश्वास का माहौल भी स्थापित करती है।
