
भारतीय वायुसेना द्वारा ‘मेंटेनेंस कमांड कमांडर्स कॉन्क्लेव 2026’ का आयोजन 10 और 11 अप्रैल, 2026 को नागपुर स्थित वायुसेना नगर में किया गया। इस दो दिवसीय सम्मेलन में वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लेकर तकनीकी दक्षता, संसाधन प्रबंधन और संचालनात्मक क्षमता को और मजबूत बनाने पर विस्तृत चर्चा की।
इस महत्वपूर्ण सम्मेलन की अध्यक्षता मेंटेनेंस कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ एयर मार्शल यल्ला उमेश ने की। सम्मेलन का मुख्य विषय “ऑपरेशंस को सहयोग देने के लिए मिशन मोड में मेंटेनेंस कमांड” रखा गया, जिसका उद्देश्य परिचालन आवश्यकताओं के अनुरूप रखरखाव गतिविधियों को तेज, प्रभावी और परिणामोन्मुख बनाना था।
सम्मेलन के दौरान विमानों, हेलीकॉप्टरों और अन्य तकनीकी प्रणालियों के रखरखाव से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया गया। अधिकारियों ने समयबद्ध मरम्मत, स्पेयर पार्ट्स की उपलब्धता, स्वदेशीकरण को बढ़ावा देने और आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर जोर दिया। साथ ही, डिजिटल मॉनिटरिंग, डेटा आधारित निर्णय प्रणाली और प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस जैसी उन्नत अवधारणाओं पर भी चर्चा हुई।
एयर मार्शल यल्ला उमेश ने अपने संबोधन में कहा कि मेंटेनेंस कमांड भारतीय वायुसेना की परिचालन क्षमता का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने मिशन मोड में कार्य करते हुए संसाधनों के बेहतर उपयोग, गुणवत्ता मानकों को बनाए रखने और नई तकनीकों को अपनाने पर बल दिया। उन्होंने अधिकारियों को टीमवर्क, नवाचार और दक्षता के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया।
सम्मेलन में विभिन्न इकाइयों द्वारा प्रस्तुतियों के माध्यम से सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों को साझा किया गया। इसके अतिरिक्त, भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए रणनीतियों पर भी चर्चा हुई, ताकि वायुसेना की तैयारियों को और मजबूत बनाया जा सके।
दो दिवसीय कॉन्क्लेव के समापन पर यह निष्कर्ष निकाला गया कि मिशन मोड में मेंटेनेंस गतिविधियों को गति देकर भारतीय वायुसेना की परिचालन क्षमता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है। यह आयोजन तकनीकी उत्कृष्टता, समन्वय और आधुनिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
