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कुल्हड़ पिज्जा कपल को हाईकोर्ट से सुरक्षा, पंजाब पुलिस को दिए सुरक्षा देने के आदेश

सांकेतिक तस्वीर

जालंधर के प्रसिद्ध कुल्हड़ पिज्जा कपल, सहज अरोड़ा और उनकी पत्नी गुरप्रीत कौर को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने सुरक्षा मुहैया कराने का आदेश दिया है। यह निर्णय कपल द्वारा हाल ही में हाईकोर्ट में दायर याचिका के बाद आया है, जिसमें उन्हें मिल रही धमकियों के कारण सुरक्षा की मांग की गई थी।

धमकियों के चलते दायर की गई थी याचिका

सहज और गुरप्रीत को निहंग मान सिंह अकाली द्वारा धमकाया जा रहा था, जिसके कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। इन धमकियों के चलते कपल ने हाईकोर्ट में एक जॉइंट याचिका दायर की, जिसमें उन्होंने सुरक्षा की मांग की। याचिका में बताया गया कि पिछले कुछ दिनों से उन्हें लगातार धमकियों का सामना करना पड़ रहा है और उनकी जान को खतरा है। इसके बाद कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्हें सुरक्षा मुहैया करवाने का आदेश जारी किया।

निहंगों के विरोध के बाद कपल का वीडियो

धमकियों के बाद, रविवार को कपल ने एक वीडियो जारी किया जिसमें उन्होंने अपनी स्थिति स्पष्ट की। वीडियो में सहज अरोड़ा ने कहा कि वे अपने परिवार के साथ श्री दरबार साहिब (स्वर्ण मंदिर) जाएंगे और वहां अपनी अर्जी प्रस्तुत करेंगे। उन्होंने कहा कि वे वहां जाकर पूछेंगे कि क्या वह दस्तार (पगड़ी) सजा सकते हैं या नहीं। अगर उन्होंने कुछ गलत किया है, तो उन्हें सजा मिलनी चाहिए। इस वीडियो में उनकी पत्नी गुरप्रीत भी उनके साथ नजर आईं। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया था और लोगों ने इसे व्यापक रूप से देखा और साझा किया।

हाईकोर्ट का फैसला और सुरक्षा के निर्देश

हाईकोर्ट ने याचिका की सुनवाई के दौरान निहंगों द्वारा दी गई धमकियों को गंभीरता से लेते हुए कपल को सुरक्षा देने के आदेश जारी किए। कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि किसी भी नागरिक की सुरक्षा सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है, और किसी को भी डर और धमकी के माहौल में नहीं रहना चाहिए। पंजाब पुलिस को आदेश दिया गया है कि वे कपल की सुरक्षा सुनिश्चित करें और उन्हें किसी भी संभावित खतरे से बचाएं।

सोशल मीडिया पर समर्थन और चिंता

इस पूरे मामले के दौरान, सोशल मीडिया पर कपल को जनता से व्यापक समर्थन मिला है। कई लोग उनके साहस की सराहना कर रहे हैं कि उन्होंने धमकियों के बावजूद अपनी बात को खुले तौर पर रखा और सही रास्ते पर चलने का निर्णय लिया। वहीं, कुछ लोग इस बात से चिंतित भी हैं कि इस तरह के मामलों में धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाकर लोगों को धमकाना गलत है।

निष्कर्ष

कुल्हड़ पिज्जा कपल का मामला यह दिखाता है कि किस तरह से सामाजिक मीडिया और धार्मिक भावनाओं का उपयोग करके लोगों को धमकाने की कोशिश की जाती है। लेकिन, कोर्ट के इस निर्णय से यह स्पष्ट है कि कानून और न्याय की नजर में हर नागरिक समान है और किसी भी प्रकार की धमकी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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