
हाल ही में, भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर पेट्रोलिंग को लेकर एक नई सहमति स्थापित की गई है। भारत के विदेश मंत्रालय ने सोमवार को इस संबंध में एक महत्वपूर्ण बयान जारी किया, जिसमें बताया गया कि दोनों देशों के बीच बातचीत का एक नया दौर चल रहा है।
विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने इस बात की पुष्टि की कि पिछले कुछ हफ्तों से भारत और चीन के बीच राजनयिक और सैन्य स्तर पर वार्ताएँ हो रही हैं। इस बातचीत में LAC के मुद्दों पर एक समझौता हुआ है, जिसका मुख्य उद्देश्य दोनों पक्षों के बीच तनाव को कम करना और सीमाओं पर स्थिति को स्थिर करना है।
मिस्री ने कहा, “हमने चीन के साथ सैनिकों की वापसी और स्थिति के समाधान के लिए पेट्रोलिंग की व्यवस्था की है।” यह एक सकारात्मक कदम है, जो दोनों देशों के बीच बेहतर संबंधों की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि द्विपक्षीय मुद्दों पर भारत अभी भी समय और व्यस्तताओं के अनुसार काम कर रहा है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि भारत सभी पहलुओं पर ध्यान दे रहा है और स्थिरता की दिशा में प्रयासरत है।
LAC पर पेट्रोलिंग की यह नई व्यवस्था दोनों देशों के बीच सहयोग को बढ़ावा देगी और सीमाओं पर शांति बनाए रखने में मदद करेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के संवाद और सहमति से क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति में सुधार होगा और दीर्घकालिक शांति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।
इस सहमति को भारतीय और चीनी दोनों सेनाओं के बीच आपसी समझ और समर्पण के रूप में देखा जा रहा है। इससे यह भी संकेत मिलता है कि दोनों देशों के बीच कूटनीतिक वार्ता और संवाद को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे भविष्य में और अधिक सहमतियाँ संभव हो सकती हैं।
भारत और चीन के बीच इस तरह की सकारात्मक वार्ताओं का होना दर्शाता है कि दोनों पक्ष अपनी-अपनी सीमाओं पर स्थिति को सामान्य करने और एक दूसरे के साथ शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह नई सहमति न केवल भारत-चीन संबंधों के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर भी शांति के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश है।