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रातभर गरजती जेसीबी, मौन अफसर और व्यस्त पुलिस — संग्रामगढ़ में अवैध खनन पर गहराया सवाल

जनपद प्रतापगढ़ के संग्रामगढ़ थाना क्षेत्र में अवैध खनन का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। क्षेत्र के हिसामपुर गांव में रातभर जेसीबी मशीनों के जरिए मिट्टी और खनिज संसाधनों की खुदाई किए जाने का आरोप लगाया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पूरी रात मशीनों की आवाज गूंजती रही और धरती का सीना छलनी होता रहा, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी चुप्पी साधे बैठे रहे।

रातभर चलता रहा खनन, नहीं दिखी कार्रवाई

ग्रामीणों के अनुसार देर शाम से शुरू हुई खुदाई पूरी रात जारी रही। जेसीबी मशीनों की तेज आवाज से आसपास के गांवों में लोगों की नींद तक प्रभावित हुई, लेकिन किसी भी स्तर पर रोक लगाने की कोशिश नहीं हुई। लोगों का आरोप है कि अवैध खनन खुलेआम होता रहा और प्रशासनिक अमला मौके पर नहीं पहुंचा।

सिस्टम की मिलीभगत के आरोप

स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी क्षेत्र में अवैध खनन की शिकायतें सामने आती रही हैं। कई बार खबरें प्रकाशित होने के बावजूद कार्रवाई न होने से ग्रामीणों में संदेह गहरा गया है। लोगों का आरोप है कि बिना प्रशासनिक स्तर पर संरक्षण के इतनी बड़ी मात्रा में रातभर खुदाई संभव नहीं है।

पुलिस की भूमिका पर सवाल

ग्रामीणों ने संग्रामगढ़ पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जब जेसीबी मशीनें खुलकर चलती हैं, तब पुलिस की सक्रियता नजर नहीं आती। कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि पुलिस कार्रवाई करने के बजाय अन्य गतिविधियों में व्यस्त रहती है, जिससे खनन माफियाओं के हौसले बढ़ रहे हैं।

पर्यावरण और कृषि भूमि को नुकसान

अवैध खनन से ग्रामीणों ने पर्यावरणीय नुकसान की भी चिंता जताई है। उनका कहना है कि खेतों की उपजाऊ मिट्टी हटने से कृषि प्रभावित हो रही है। गहरे गड्ढे बनने से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ रहा है और भूजल स्तर पर भी असर पड़ने की आशंका है। गांव के आसपास की भूमि असंतुलित होती जा रही है, जिससे किसानों को भविष्य में भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।

उठ रहे तीखे सवाल

जब कई बार शिकायतें हो चुकी हैं, तो जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे?

क्या बिना अधिकारियों की जानकारी के रातभर अवैध खनन संभव है?

क्या खनन माफिया और सिस्टम के बीच कोई तालमेल है?

जनता पूछ रही है कि क्या जिले के कप्तान Deepak Bhukar की नजर इस काले कारोबार पर नहीं पड़ी?


जनता में आक्रोश

लगातार हो रहे कथित अवैध खनन से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते रोक नहीं लगाई गई तो यह समस्या और गंभीर हो जाएगी। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि रात में नियमित गश्त कराई जाए, खनन स्थलों की जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे सामूहिक रूप से विरोध प्रदर्शन कर सकते हैं। उनका कहना है कि धरती का यह दोहन क्षेत्र के भविष्य के लिए खतरा बन रहा है और इसे रोकना प्रशासन की जिम्मेदारी है।

अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।

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