महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा मिशन शक्ति-5 अभियान समाज में जागरूकता और विश्वास का एक मजबूत आधार बनता जा रहा है। इस अभियान के तहत पुलिस प्रशासन द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे बालिकाओं और महिलाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों और कानूनी प्रावधानों की सही जानकारी मिल सके।
इसी क्रम में विभिन्न थानों की मिशन शक्ति एवं एंटी रोमियो टीम ने सक्रिय भूमिका निभाते हुए स्कूलों, कॉलेजों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर जाकर महिलाओं और बालिकाओं को जागरूक किया। इस दौरान उन्हें महिला सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण कानूनों, आत्मरक्षा के सरल और प्रभावी उपायों तथा आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई।
अभियान के दौरान पुलिस कर्मियों ने यह भी बताया कि किसी भी प्रकार की असुरक्षा या उत्पीड़न की स्थिति में महिलाएं तुरंत पुलिस सहायता प्राप्त कर सकती हैं। हेल्पलाइन नंबर जैसे 1090 (वुमन पावर लाइन), 112 (आपातकालीन सेवा) और 181 (महिला हेल्पलाइन) के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत मदद ली जा सके।
इसके साथ ही, आत्मरक्षा के लिए कुछ व्यावहारिक तकनीकों का भी प्रदर्शन किया गया, जिससे महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़े और वे किसी भी कठिन परिस्थिति का सामना साहस के साथ कर सकें। पुलिस टीम ने महिलाओं को यह भरोसा दिलाया कि उनकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और हर स्तर पर उनकी मदद के लिए प्रशासन तत्पर है।
मिशन शक्ति-5 न केवल एक सरकारी अभियान है, बल्कि यह समाज में महिलाओं के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने और उन्हें सशक्त बनाने की दिशा में एक व्यापक पहल है। इस तरह के प्रयासों से महिलाओं में जागरूकता बढ़ेगी, वे अपने अधिकारों के प्रति सजग होंगी और एक सुरक्षित व सम्मानजनक समाज के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेंगी।
👉 कुल मिलाकर, मिशन शक्ति-5 अभियान महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक मजबूत और प्रेरणादायक कदम साबित हो रहा है।
