Site icon HIT AND HOT NEWS

पुलिस अभिरक्षा से फरार अभियुक्त मुठभेड़ में घायल, दोनों पैरों में लगी गोली – अवैध तमंचा बरामद


प्रतापगढ़ जनपद में अपराध एवं अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना मानिकपुर पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस अभिरक्षा से फरार चल रहे एक वांछित अभियुक्त को मुठभेड़ के दौरान घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया गया। अभियुक्त के दोनों पैरों में गोली लगी है और उसके कब्जे से अवैध असलहा भी बरामद किया गया है।

पुलिस अधीक्षक प्रतापगढ़ श्री दीपक भूकर के निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) श्री बृजनन्दन राय तथा क्षेत्राधिकारी कुंडा श्री अमरनाथ गुप्ता के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी मानिकपुर श्री नरेन्द्र सिंह अपनी टीम के साथ क्षेत्र में गश्त और वांछित/वारंटी अभियुक्तों की तलाश कर रहे थे। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि पुलिस अभिरक्षा से फरार एक अभियुक्त, जो अवैध असलहे से लैस है, शहजादपुर (जनपद कौशाम्बी) की ओर से करेंटी गंगा नदी पुल होते हुए अपने वकील से मिलने आ रहा है।

सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने ग्राम करेंटी तिराहे के पास सघन चेकिंग शुरू कर दी। इसी दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति आता दिखाई दिया। पुलिस द्वारा उसे रुकने का इशारा किया गया, लेकिन उसने रुकने के बजाय पुलिस टीम पर जानलेवा फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने उसे आत्मसमर्पण के लिए चेतावनी दी, लेकिन अभियुक्त ने दोबारा फायरिंग कर दी। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें अभियुक्त के दोनों पैरों में गोली लग गई और वह घायल होकर मौके पर गिर पड़ा।

पकड़े गए अभियुक्त ने पूछताछ में अपना नाम जलालुद्दीन उर्फ डब्बू पुत्र मोहिउद्दीन निवासी नई बाजार रहवई, थाना कुंडा, जनपद प्रतापगढ़ बताया, जिसकी उम्र लगभग 50 वर्ष है। तलाशी के दौरान उसके पास से एक देशी तमंचा .315 बोर, दो जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस बरामद किया गया।

पुलिस जांच में सामने आया कि अभियुक्त के खिलाफ थाना मानिकपुर में मु0अ0सं0 87/2026 धारा 65(2) बीएनएस एवं 5M/6 पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज है। उसे पहले गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया था, लेकिन 21 अप्रैल 2026 को एसआरएन अस्पताल से उपचार के दौरान वह फरार हो गया था। इस मामले में थाना कोतवाली नगर, कमिश्नरेट प्रयागराज में भी अलग से मुकदमा दर्ज किया गया था।

मुठभेड़ में घायल अभियुक्त को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कालाकांकर ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल प्रतापगढ़ रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों के अनुसार उसकी हालत अब खतरे से बाहर है।

इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी नरेन्द्र सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम के कई अधिकारी और जवान शामिल रहे, जिन्होंने साहस और तत्परता का परिचय देते हुए इस ऑपरेशन को सफल बनाया।

फिलहाल पुलिस द्वारा मामले में आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है और क्षेत्र में शांति एवं कानून-व्यवस्था पूरी तरह सामान्य बनी हुई है।

Exit mobile version