Site icon HIT AND HOT NEWS

बहराइच के चफरिया-सुजौली पेट्रोल पंप पर संकट: दो दिनों से पूरी पूरी रात गुजारना पड़ता हैं लोगों को 2 बजे रात मे भी लाइन में खड़े किसान, व्यवस्था पर उठे सवाल

बहराइच जनपद के चफरिया-सुजौली क्षेत्र में स्थित पेट्रोल पंप पर इन दिनों हालात बेहद चिंताजनक बने हुए हैं। लगातार दूसरे दिन भी रात के 2 बजे तक सैकड़ों लोग अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। इनमें सबसे अधिक संख्या किसानों की है, जो अपनी जरूरत के लिए डीज़ल-पेट्रोल लेने पहुंचे हैं, लेकिन उन्हें घंटों इंतजार के बाद भी निराशा ही हाथ लग रही है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, पेट्रोल पंप पर तेल की आपूर्ति नियमित नहीं है। एक दिन पेट्रोल-डीजल मिलता है, तो उसके बाद 1-2 दिन तक पंप बंद रहता है। इस अनियमितता के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई लोग तो मजबूरी में पूरी रात पेट्रोल पंप पर ही गुजारने को विवश हैं, ताकि अगली सुबह उन्हें ईंधन मिल सके।

सबसे ज्यादा प्रभावित किसान वर्ग है। इस समय रबी फसल की कटाई के बाद खेतों की जुताई का कार्य तेजी से होना चाहिए, लेकिन डीज़ल की कमी के कारण ट्रैक्टर खड़े हैं। किसानों का कहना है कि समय पर जुताई नहीं होने से अगली फसल की बुवाई में देरी होगी, जिससे उनकी आय पर सीधा असर पड़ेगा। पहले ही मौसम और अन्य कारणों से फसल को नुकसान झेल रहे किसान अब इस नई समस्या से जूझ रहे हैं।

वहीं, जिला प्रशासन का दावा है कि जिले में पेट्रोल और डीज़ल की कोई कमी नहीं है। प्रशासन का कहना है कि पर्याप्त मात्रा में ईंधन उपलब्ध है और आपूर्ति भी सुचारू रूप से हो रही है। लेकिन जमीनी हकीकत प्रशासन के इन दावों से बिल्कुल अलग दिखाई दे रही है। यदि वास्तव में कोई कमी नहीं है, तो फिर पेट्रोल पंपों का इस तरह बंद रहना और लोगों को घंटों लाइन में लगना कई सवाल खड़े करता है।

https://hi.hitandhotnews.com/wp-content/uploads/2026/04/VID-20260426-WA0002.mp4

स्थानीय नागरिकों और किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि इस समस्या का जल्द से जल्द समाधान किया जाए। पेट्रोल पंपों पर नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और इस तरह की अव्यवस्था पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।

यह मामला केवल ईंधन की कमी का नहीं, बल्कि व्यवस्था की खामियों का प्रतीक बनता जा रहा है। यदि समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आने वाले दिनों में यह समस्या और भी विकराल रूप ले सकती है।

Exit mobile version