उत्तर प्रदेश में अपराध और धोखाधड़ी के खिलाफ सख्त कार्रवाई के क्रम में के अभियान को एक बड़ी सफलता मिली है। ने महिला सशक्तिकरण के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों के पास से 03 मोबाइल फोन, 107 आधार कार्ड की छायाप्रति, 11 स्टांप पेपर तथा एक दोपहिया वाहन बरामद किया गया है। यह बरामदगी इस बात का प्रमाण है कि गिरोह सुनियोजित तरीके से लोगों को अपने जाल में फंसा रहा था।
ठगी का तरीका
जांच में सामने आया कि यह गिरोह गाँव-गाँव जाकर महिलाओं को “प्रधानमंत्री महिला रोजगार योजना” के नाम पर झूठा लालच देता था। महिलाओं को सिलाई सेंटर खोलने और नौकरी दिलाने का भरोसा देकर उनसे ₹250/- की मामूली फीस ली जाती थी।
इसके बाद उनसे आधार कार्ड और अन्य जरूरी दस्तावेज इकट्ठा कर लिए जाते थे। इन्हीं दस्तावेजों का दुरुपयोग करते हुए अभियुक्त उनके नाम पर लोन निकाल लेते थे, जिसकी जानकारी पीड़ित महिलाओं को नहीं होती थी।
लाखों की ठगी
अब तक की जांच में लगभग ₹10 से ₹12 लाख तक की ठगी का खुलासा हुआ है। यह आंकड़ा और भी बढ़ सकता है, क्योंकि कई पीड़ित अभी सामने आना बाकी हैं।
पुलिस की अपील
पुलिस ने आम जनता, विशेषकर महिलाओं से अपील की है कि किसी भी योजना के नाम पर पैसे मांगने या दस्तावेज लेने वाले व्यक्तियों की पहले पूरी जांच-पड़ताल करें। सरकारी योजनाओं की जानकारी केवल आधिकारिक माध्यमों से ही प्राप्त करें।
निष्कर्ष
यह कार्रवाई न केवल अपराधियों के खिलाफ सख्त संदेश है, बल्कि समाज को भी सतर्क रहने की सीख देती है। का “जीरो टॉलरेंस” अभियान यह साबित करता है कि धोखाधड़ी करने वालों के लिए अब कोई जगह नहीं है।
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