‘सिनबैक्स’ अभ्यास का उद्देश्य दोनों देशों की सेनाओं के बीच समन्वय, आपसी समझ और संयुक्त अभियानों की क्षमता को बढ़ाना है। इस अभ्यास में भारतीय सेना और रॉयल कंबोडियन आर्म्ड फोर्सेस के जवान भाग लेंगे, जो विभिन्न सामरिक और युद्ध कौशलों का संयुक्त प्रशिक्षण करेंगे। खासतौर पर आतंकवाद-रोधी अभियानों, जंगल युद्ध (जंगल वॉरफेयर) और मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (HADR) जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
इस अभ्यास के दौरान दोनों देशों के सैनिक आधुनिक युद्ध तकनीकों, रणनीतियों और सर्वोत्तम प्रथाओं का आदान-प्रदान करेंगे। इससे न केवल उनकी पेशेवर क्षमता में वृद्धि होगी, बल्कि कठिन परिस्थितियों में संयुक्त रूप से कार्य करने की दक्षता भी विकसित होगी। इसके अलावा, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और आपसी संवाद के माध्यम से सैनिकों के बीच मित्रता और विश्वास को भी मजबूत किया जाएगा।
भारत और कंबोडिया के बीच रक्षा संबंध पिछले कुछ वर्षों में तेजी से मजबूत हुए हैं। ‘सिनबैक्स’ जैसे संयुक्त सैन्य अभ्यास इस सहयोग को और गहरा बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह अभ्यास दोनों देशों की सेनाओं को एक-दूसरे के अनुभवों से सीखने और क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों का मिलकर सामना करने के लिए तैयार करता है।
इस पहल के माध्यम से भारत ने एक बार फिर यह स्पष्ट किया है कि वह अपने मित्र देशों के साथ मिलकर क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। ‘सिनबैक्स-द्वितीय 2026’ न केवल सैन्य सहयोग का प्रतीक है, बल्कि यह भारत की ‘एक्ट ईस्ट नीति’ के तहत दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के साथ बढ़ते संबंधों का भी प्रमाण है।
अंततः, यह सैन्य अभ्यास दोनों देशों के बीच विश्वास, सहयोग और रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में सहायक सिद्ध होगा।
