भारत में सड़क परिवहन क्षेत्र को आधुनिक और सुगम बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए ने गुजरात में देश की पहली मल्टी-लेन फ्री फ्लो (MLFF) टोलिंग प्रणाली की सफल शुरुआत कर दी है। यह पहल टोल प्लाजा पर लगने वाले जाम को खत्म करने और यात्रा को तेज़, पारदर्शी व डिजिटल बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।
इस नई प्रणाली के लागू होने के पहले ही दिन लगभग 41,500 वाहनों ने बिना रुके टोल प्लाजा पार किया, जो इसकी प्रभावशीलता और उपयोगिता को दर्शाता है। MLFF तकनीक के तहत वाहनों को टोल प्लाजा पर रुकने की आवश्यकता नहीं होती, बल्कि कैमरा और सेंसर आधारित प्रणाली के माध्यम से स्वतः टोल शुल्क कट जाता है।
यह प्रणाली की डिजिटल इंडिया और स्मार्ट ट्रांसपोर्ट नीति के अनुरूप विकसित की गई है। इसमें ANPR (Automatic Number Plate Recognition) और फास्टैग तकनीक का उपयोग किया जाता है, जिससे टोल संग्रह पूरी तरह से स्वचालित हो जाता है।
यदि किसी वाहन का टोल शुल्क कट नहीं पाता है, तो संबंधित वाहन मालिक को ई-नोटिस भेजा जाता है। यह नोटिस के माध्यम से प्राप्त किया जा सकता है और वहीं भुगतान की सुविधा भी उपलब्ध है। उपयोगकर्ताओं को ई-नोटिस जारी होने के 72 घंटे के भीतर शिकायत दर्ज करने का अधिकार भी दिया गया है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित होती है।
हालांकि, यदि कोई व्यक्ति समय पर ई-नोटिस का भुगतान नहीं करता है, तो उसका फास्टैग ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है। इसके साथ ही वाहन से जुड़ी अन्य सेवाओं—जैसे आरसी अपडेट, फिटनेस सर्टिफिकेट आदि—पर भी प्रतिबंध लगाया जा सकता है।
इस नई टोलिंग प्रणाली से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि ईंधन की खपत में कमी और प्रदूषण नियंत्रण में भी मदद मिलेगी। साथ ही, यह भ्रष्टाचार और मैन्युअल त्रुटियों को समाप्त कर राजस्व संग्रह को अधिक पारदर्शी बनाएगी।
कुल मिलाकर, गुजरात में MLFF टोलिंग प्रणाली की शुरुआत भारत के स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल ट्रांसपोर्ट नेटवर्क की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है, जो आने वाले समय में पूरे देश में लागू किया जा सकता है।
