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ताइवान के पूर्वी तट पर तूफान कॉन्ग-रे का कहर: दशकों का सबसे बड़ा तूफान बनने की संभावना

गुरुवार को ताइवान के पूर्वी तट पर शक्तिशाली तूफान कॉन्ग-रे ने दस्तक दी, जिससे ताइतुंग और हुआलिएन काउंटियों के बीच भारी बारिश और तेज़ हवाओं का कहर देखने को मिला। इस तूफान के कारण पूरे द्वीप में काम-काज ठप हो गया, वित्तीय बाजार बंद रहे और सैकड़ों उड़ानें रद्द कर दी गईं। इसे 30 वर्षों में सबसे बड़े आकार का तूफान माना जा रहा है।

ताइवान के मौसम विभाग के अनुसार, कॉन्ग-रे जो पहले एक सुपर टायफून था, रात में थोड़ा कमजोर हुआ लेकिन अभी भी 250 किमी/घंटा (155 मील प्रति घंटे) से अधिक की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं। इसे एक कैटेगरी 4 के तूफान के बराबर माना जा रहा है। विभाग ने चेतावनी दी है कि यह 1996 के बाद से ताइवान पर आने वाला सबसे बड़ा तूफान हो सकता है। इसके चलते द्वीप के अधिकांश हिस्सों में भारी बारिश और तेज़ हवाएं दिनभर जारी रहेंगी।

वित्तीय प्रभावों की बात करें तो, सभी प्रमुख बाजार बंद रहे और सभी सरकारी कार्यालयों एवं स्कूलों में छुट्टी की घोषणा की गई। ताइवान सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग कंपनी (TSMC), जो वैश्विक तकनीकी आपूर्ति श्रृंखला में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, ने बताया कि उसे इस तूफान से किसी बड़े व्यवधान की आशंका नहीं है।

परिवहन क्षेत्र में भी इसका व्यापक प्रभाव देखा गया, जहां लगभग 300 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दी गईं। स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय विमानन सेवाएं निलंबित कर दी गईं, जिससे यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा।

ताइवान के राष्ट्रपति लाई चिंग-ते ने नागरिकों से अपील की कि वे अपनी सुरक्षा का ध्यान रखें और तूफान के दौरान समुद्री लहरों को देखने जैसे खतरनाक कार्यों से बचें। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि सभी लोग सुरक्षा को प्राथमिकता दें और दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सहयोग करें।

देशभर में अभी भी हाई अलर्ट है क्योंकि कॉन्ग-रे पूरे द्वीप पर अपना असर दिखा रहा है। अधिकारी इसके प्रभावों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और नागरिकों की सुरक्षा एवं बुनियादी ढांचे की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।

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