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प्रतापगढ़ में भेड़ पालन योजना शुरू, 90 प्रतिशत तक मिलेगा अनुदान, 31 मई तक करें आवेदन

प्रतापगढ़। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने और पशुपालकों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से शासन द्वारा भेड़ पालन योजना (राष्ट्रीय योजना) वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए शुरू कर दी गई है। इस योजना के तहत पात्र किसानों और पशुपालकों को सरकार की ओर से भारी अनुदान प्रदान किया जाएगा, जिससे वे आधुनिक तरीके से भेड़ पालन कर आत्मनिर्भर बन सकें।

मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश में गुणवत्तापरक ऊन उत्पादन को बढ़ावा देने तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से इस योजना का संचालन किया जा रहा है। जनपद प्रतापगढ़ में इस योजना के अंतर्गत कुल 05 इकाइयों की स्थापना का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

20 मादा भेड़ और 1 नर मेढ़ा की होगी इकाई

योजनान्तर्गत चयनित लाभार्थियों को 20 मादा भेड़ एवं 01 नर मेढ़ा की इकाई स्थापित करनी होगी। प्रत्येक इकाई की कुल लागत 1 लाख 70 हजार रुपये निर्धारित की गई है। इसमें लाभार्थी को केवल 10 प्रतिशत यानी 17 हजार रुपये स्वयं खर्च करने होंगे, जबकि शेष 90 प्रतिशत यानी 1 लाख 53 हजार रुपये राज्य सरकार द्वारा अनुदान के रूप में प्रदान किए जाएंगे।

अधिकारियों के अनुसार यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगार युवाओं, छोटे किसानों और भूमिहीन परिवारों के लिए रोजगार का बड़ा माध्यम साबित हो सकती है। सरकार का उद्देश्य भेड़ पालन को संगठित और व्यवसायिक रूप देना है ताकि पशुपालकों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो सके।

इन लोगों को मिलेगी प्राथमिकता

मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक की आयु 18 वर्ष से अधिक होना अनिवार्य है। साथ ही आवेदक लघु, सीमान्त अथवा भूमिहीन कृषक होना चाहिए। पशुपालक के पास भेड़ों को रखने के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध होना भी जरूरी है।

उन्होंने बताया कि पारंपरिक भेड़ पालकों तथा भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान अविकानगर, टोंक (राजस्थान), केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान मखदूम, फरह मथुरा और प्रशिक्षण इटावा से भेड़-बकरी पालन का प्रशिक्षण प्राप्त आवेदकों को चयन में प्राथमिकता दी जाएगी।

आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज

योजना के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को आवेदन पत्र के साथ कई आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे। इनमें आधार कार्ड अथवा स्थायी निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक की छायाप्रति या कैंसिल चेक, भेड़ पालन से संबंधित प्रशिक्षण प्रमाण पत्र तथा शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र शामिल हैं।

इसके अलावा आवेदक को यह शपथ पत्र भी देना होगा कि वह न्यूनतम तीन वर्ष तक भेड़ पालन का कार्य करेगा। अधिकारियों का कहना है कि योजना का लाभ केवल उन्हीं लाभार्थियों को मिलेगा जो निर्धारित शर्तों को पूरा करेंगे।

31 मई तक कर सकते हैं आवेदन

इच्छुक एवं पात्र व्यक्ति योजना से संबंधित अधिक जानकारी अपने नजदीकी पशु चिकित्सालय या मुख्य पशु चिकित्साधिकारी कार्यालय, विकास भवन प्रतापगढ़ से प्राप्त कर सकते हैं। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 31 मई 2026 निर्धारित की गई है।

ग्रामीण क्षेत्र के पशुपालकों और किसानों के बीच इस योजना को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। लोगों का मानना है कि सरकार की यह पहल स्वरोजगार को बढ़ावा देने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती दे सकती है।

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