जानकारी के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन ऑर्गनाइजेशन (एसीओ) की टीम ने पूरे मामले की जांच की। जांच में रिश्वत मांगने की पुष्टि होने पर टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप कार्रवाई की। जैसे ही आरोपी उप निरीक्षक ने शिकायतकर्ता से ₹10,000 की रिश्वत ली, एसीओ टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
प्रदेश सरकार लगातार भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था स्थापित करने के लिए सख्त कदम उठा रही है। सरकारी कार्यालयों और पुलिस विभाग में पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से निगरानी तंत्र को मजबूत किया गया है। यही कारण है कि रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में लगातार कार्रवाई देखने को मिल रही है।
अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी या अधिकारी किसी कार्य के बदले रिश्वत मांगता है, तो उसकी सूचना तुरंत एसीओ को दें। शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है और मामले पर त्वरित कार्रवाई की जाती है।
भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की शिकायत एसीओ हेल्पलाइन 📱9454402484 या ईमेल ✉️aco@nic.in पर दर्ज कराई जा सकती है। सरकार और पुलिस प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि ईमानदार व्यवस्था बनाए रखने के लिए भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
