
कुंडा और महेशगंज क्षेत्र में ओवरलोड वाहनों की बढ़ी मनमानी, हादसे का बना खतरा
प्रतापगढ़। जनपद के कुंडा और महेशगंज क्षेत्र में इन दिनों सड़कों पर दौड़ रहे डंपरों की लापरवाही लोगों की चिंता का कारण बनती जा रही है। कई डंपर चालक वाहनों की नंबर प्लेट को कपड़े, पट्टी या अन्य सामग्री से ढककर खुलेआम सड़कों पर वाहन चला रहे हैं। इससे न केवल यातायात नियमों की अनदेखी हो रही है, बल्कि सड़क पर चलने वाले लोगों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ गई है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि गंगा एक्सप्रेसवे निर्माण कार्य में लगे कई डंपर ओवरलोड होकर तेज रफ्तार में गांवों और मुख्य मार्गों से गुजरते हैं। भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से सड़कें क्षतिग्रस्त हो रही हैं और आम लोगों में हादसे का डर बना हुआ है। सबसे बड़ी चिंता यह है कि नंबर प्लेट ढकी होने के कारण दुर्घटना की स्थिति में संबंधित वाहन की पहचान कर पाना बेहद मुश्किल हो जाता है।
खुलेआम नियमों की उड़ रही धज्जियां
क्षेत्रीय नागरिकों का कहना है कि डंपर चालक जानबूझकर नंबर प्लेट छिपाकर वाहन चलाते हैं ताकि किसी दुर्घटना या शिकायत की स्थिति में उनकी पहचान न हो सके। कई वाहनों पर नंबर प्लेट पूरी तरह ढकी रहती है, जबकि कुछ में नंबर पढ़ पाना लगभग असंभव होता है।
लोगों का आरोप है कि यह सब खुलेआम हो रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभाग और प्रशासन इस ओर गंभीरता से ध्यान नहीं दे रहा। ग्रामीणों का कहना है कि यदि कोई सामान्य व्यक्ति वाहन के कागजात या नंबर प्लेट में थोड़ी भी गड़बड़ी करता है तो तत्काल कार्रवाई होती है, लेकिन भारी वाहनों पर नियमों का पालन नहीं कराया जा रहा।
गांवों में बढ़ा दुर्घटना का खतरा
कुंडा, महेशगंज और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से गुजरने वाले इन डंपरों की तेज रफ्तार लोगों के लिए खतरा बनती जा रही है। ग्रामीणों के मुताबिक स्कूल जाने वाले बच्चे, बुजुर्ग और बाइक सवार सबसे ज्यादा जोखिम में रहते हैं। कई बार डंपर चालक लापरवाही से वाहन चलाते हैं, जिससे सड़क पर चलने वाले लोगों को अचानक किनारे हटना पड़ता है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि रात के समय स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। तेज रफ्तार और ओवरलोड डंपरों के कारण सड़क पर दुर्घटना की आशंका लगातार बनी रहती है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर नियंत्रण नहीं किया गया तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
गंगा एक्सप्रेसवे निर्माण क्षेत्र में सबसे अधिक शिकायतें
ग्रामीणों के अनुसार गंगा एक्सप्रेसवे निर्माण क्षेत्र में चल रहे अधिकांश डंपरों की स्थिति इसी प्रकार की है। निर्माण सामग्री ढोने वाले वाहन लगातार नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। ओवरलोडिंग, तेज रफ्तार और नंबर प्लेट छिपाने जैसी गतिविधियां आम हो गई हैं।
लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं होती, जिससे वाहन चालकों के हौसले बुलंद हैं। इससे प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल उठने लगे हैं।
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
क्षेत्रीय नागरिकों और ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की जाए। लोगों का कहना है कि नंबर प्लेट ढककर चलने वाले वाहनों को तुरंत सीज किया जाना चाहिए और ओवरलोडिंग करने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जाना चाहिए।
ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि प्रमुख मार्गों और गांवों के आसपास नियमित चेकिंग अभियान चलाया जाए, ताकि यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित हो सके और सड़क पर चलने वाले लोगों की सुरक्षा बनी रहे।
लोगों में बढ़ रहा आक्रोश
लगातार बढ़ती लापरवाही और प्रशासनिक निष्क्रियता को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे उच्च अधिकारियों से शिकायत करने को मजबूर होंगे।
क्षेत्रवासियों का मानना है कि सड़क सुरक्षा से जुड़ी इस गंभीर समस्या पर समय रहते नियंत्रण करना बेहद जरूरी है, क्योंकि लापरवाही का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ सकता है।
