
प्रतापगढ़ जनपद की तहसील कुण्डा में शनिवार को शासन की मंशानुसार ‘सम्पूर्ण समाधान दिवस’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अपर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) बृजनन्दन राय एवं उपजिलाधिकारी कुण्डा द्वारा संयुक्त रूप से फरियादियों की समस्याएं सुनी गईं और संबंधित अधिकारियों को त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए गए।
आमजन की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया
सम्पूर्ण समाधान दिवस में बड़ी संख्या में लोग अपनी शिकायतें और समस्याएं लेकर तहसील पहुंचे। इस दौरान पुलिस एवं राजस्व विभाग से जुड़े विभिन्न मामलों पर अधिकारियों ने गंभीरतापूर्वक सुनवाई की।
भूमि विवाद, कब्जा, पारिवारिक विवाद, राजस्व संबंधी शिकायतें तथा अन्य प्रशासनिक मामलों से जुड़े प्रार्थना पत्र अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किए गए।
कई मामलों का मौके पर निस्तारण
कार्यक्रम के दौरान कई मामलों में तत्काल कार्रवाई करते हुए मौके पर ही निस्तारण कराया गया। वहीं जिन मामलों में विस्तृत जांच की आवश्यकता थी, उनमें संबंधित विभागीय अधिकारियों को समयबद्ध और निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शिकायतों को अनावश्यक रूप से लंबित रखना स्वीकार नहीं किया जाएगा।
पारदर्शिता और संवेदनशीलता पर जोर
अपर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) बृजनन्दन राय ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जनसामान्य की शिकायतों के निस्तारण में पूर्ण पारदर्शिता और संवेदनशीलता बरती जाए।
उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को अपनी जायज समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। प्रत्येक अधिकारी जनता की समस्याओं को प्राथमिकता देते हुए उनका गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करे।
भूमि विवादों में संयुक्त जांच के निर्देश
सम्पूर्ण समाधान दिवस के दौरान भूमि विवाद एवं पुलिस-राजस्व विभाग से जुड़े मामलों को लेकर अधिकारियों ने विशेष गंभीरता दिखाई।
अपर पुलिस अधीक्षक ने निर्देश दिए कि ऐसे मामलों में पुलिस एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीमें मौके पर जाकर निष्पक्ष जांच करें और विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित करें, ताकि विवादों का स्थायी समाधान हो सके।
लापरवाही पर सख्त चेतावनी
अधिकारियों ने स्पष्ट रूप से कहा कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही, शिथिलता या अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि प्रत्येक प्रकरण का निर्धारित समय सीमा के भीतर निस्तारण कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
प्रशासनिक अधिकारियों की रही मौजूदगी
कार्यक्रम के दौरान तहसील प्रशासन, पुलिस विभाग एवं राजस्व विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। सुरक्षा व्यवस्था भी पूरी तरह चाक-चौबंद रही।
स्थानीय लोगों ने अधिकारियों द्वारा सीधे समस्याएं सुनने और तत्काल समाधान के प्रयासों को सराहनीय पहल बताया।
