
पंकज त्रिपाठी चित्रकूट
रिपोर्टर हिट एंड हॉट न्यूज़
चित्रकूट | 19 मई 2026
जनपद चित्रकूट की मऊ तहसील इन दिनों अवैध खनन, ओवरलोडिंग और कथित भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर सुर्खियों में बनी हुई है। क्षेत्र में लंबे समय से चल रहे गिट्टी और बालू के अवैध कारोबार पर प्रशासन द्वारा लगातार की जा रही कार्रवाई से खनन माफियाओं में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोगों और वाहन चालकों के बीच यह चर्चा भी तेज हो गई है कि कार्रवाई के नाम पर कहीं न कहीं भ्रष्टाचार और सांठगांठ का खेल भी जारी है।
सूत्रों के अनुसार, मऊ क्षेत्र से हर रात बड़ी संख्या में ओवरलोड वाहन प्रयागराज, कौशांबी, फतेहपुर और सोनभद्र की ओर रवाना होते हैं। बताया जा रहा है कि इन वाहनों के जरिए अवैध खनिज सामग्री का परिवहन किया जाता है। प्रशासन की सख्ती के बाद कई वाहनों पर कार्रवाई की गई है, जिससे अवैध कारोबार से जुड़े लोगों में डर का माहौल देखने को मिल रहा है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि वर्तमान उप जिलाधिकारी राम ऋषि रमन्ना द्वारा स्वयं सड़क पर उतरकर की जा रही निगरानी और चेकिंग से पहली बार ऐसा लग रहा है कि प्रशासन अवैध खनन के खिलाफ गंभीर है। आम लोगों के बीच इस कार्रवाई की सराहना भी हो रही है, क्योंकि लंबे समय से क्षेत्र में अवैध खनन के कारण सड़कें खराब हो रही थीं और दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा था।
हालांकि, प्रशासनिक कार्रवाई के बीच “लोकेशन माफिया” की भूमिका भी चर्चा का विषय बनी हुई है। आरोप है कि कुछ लोग अधिकारियों की गतिविधियों की जानकारी पहले ही खनन कारोबारियों तक पहुंचा देते हैं, जिससे कई वाहन कार्रवाई से बच निकलते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक इस सूचना तंत्र को खत्म नहीं किया जाएगा, तब तक अवैध कारोबार पर पूरी तरह लगाम लगाना मुश्किल होगा।
इसी बीच एक कथित “सेटलमेंट” का मामला सामने आने के बाद प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय स्तर पर यह चर्चा है कि एक ओवरलोड वाहन पर भारी जुर्माना लगना था, लेकिन कथित रूप से नकद लेनदेन के बाद उसे छोड़ दिया गया। हालांकि इस मामले की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन लोगों के बीच इसे लेकर काफी नाराजगी देखी जा रही है।
लोग सवाल उठा रहे हैं कि यदि जुर्माना वसूला गया तो ई-चालान की प्रक्रिया क्यों नहीं अपनाई गई। साथ ही यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि कुछ वाहनों को राहत दी जा रही है, जबकि अन्य वाहन कई दिनों से जब्त खड़े हैं। इससे कार्रवाई की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
क्षेत्र के कई नागरिकों ने यह भी आरोप लगाया कि बड़े स्तर पर चल रहे अवैध कारोबार पर पूरी तरह रोक नहीं लग पा रही है, जबकि आम जनता और छोटे वाहन चालकों पर सख्ती दिखाई जा रही है। उनका कहना है कि कानून का पालन सभी के लिए समान रूप से होना चाहिए।
फिलहाल मऊ तहसील में अवैध खनन के खिलाफ चल रही कार्रवाई ने पूरे क्षेत्र में हलचल पैदा कर दी है। अब लोगों की नजर इस बात पर टिकी है कि प्रशासन केवल वाहनों की धरपकड़ तक सीमित रहता है या फिर भ्रष्टाचार और कथित सांठगांठ के आरोपों की भी निष्पक्ष जांच कराकर सख्त कदम उठाता है।
