बेंगलुरु स्थित में 48वें उड़ान परीक्षण पाठ्यक्रम (Flight Test Course) का सफल समापन हुआ। इस अवसर पर भारतीय सशस्त्र बलों के कुल 17 अधिकारियों ने कठिन और तकनीकी रूप से उन्नत प्रशिक्षण पूरा कर नई उपलब्धि हासिल की।
इस विशेष पाठ्यक्रम में 11 टेस्ट पायलट और 6 फ्लाइट टेस्ट इंजीनियर शामिल रहे, जिन्होंने लगभग 48 सप्ताह तक चले गहन प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफलतापूर्वक पूरा किया। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को आधुनिक सैन्य विमानों, उन्नत एवियोनिक्स प्रणालियों, उड़ान सुरक्षा, परीक्षण तकनीकों और विभिन्न ऑपरेशनल परिस्थितियों में विमान मूल्यांकन जैसी जटिल प्रक्रियाओं का व्यावहारिक एवं सैद्धांतिक ज्ञान दिया गया।
इस बैच में , और के अधिकारी शामिल रहे, जो तीनों सेनाओं के बीच बेहतर समन्वय और संयुक्त सैन्य क्षमता को दर्शाता है।
प्रशिक्षण पूर्ण करने के बाद ये अधिकारी अब में अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं देंगे। यहां वे अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों, हेलीकॉप्टरों, हथियार प्रणालियों और नई रक्षा तकनीकों के परीक्षण एवं मूल्यांकन में अहम भूमिका निभाएंगे।
रक्षा क्षेत्र में इस प्रकार के विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम भारत की सैन्य ताकत को तकनीकी रूप से और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जाते हैं। इससे स्वदेशी रक्षा प्रणालियों के विकास, परीक्षण और सुरक्षा मानकों को मजबूती मिलती है, साथ ही भविष्य की चुनौतियों के लिए प्रशिक्षित विशेषज्ञ भी तैयार होते हैं।
