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गुरुग्राम में साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़, ऑनलाइन टास्क और गेमिंग के नाम पर लोगों को बना रहे थे शिकार

गुरुग्राम, 1 जून 2026।

हरियाणा के गुरुग्राम में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। साइबर क्राइम इकाइयों ने एक ऐसे संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिस पर ऑनलाइन टास्क, निवेश और गेमिंग प्लेटफॉर्म के नाम पर लोगों से धोखाधड़ी करने का आरोप है। कार्रवाई के दौरान कई संदिग्धों को हिरासत में लिया गया, जबकि इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और वित्तीय लेनदेन से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह गिरोह इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर लोगों को आसान कमाई के झांसे में फंसाता था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ठगी का जाल कई राज्यों तक फैला हुआ हो सकता है।

आसान कमाई का लालच बनता था पहला हथियार

जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी लोगों को मोबाइल मैसेजिंग ऐप्स और सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क करते थे। उन्हें घर बैठे अतिरिक्त आय कमाने के अवसर बताए जाते थे। शुरुआत में छोटे-छोटे ऑनलाइन कार्य दिए जाते थे, जिनके बदले कुछ राशि भी भेजी जाती थी, ताकि पीड़ितों का विश्वास जीता जा सके।

एक बार भरोसा बनने के बाद लोगों को बड़े निवेश और विशेष योजनाओं का हिस्सा बनने के लिए प्रेरित किया जाता था। कई मामलों में पीड़ितों को अत्यधिक लाभ का आश्वासन दिया जाता था।

डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दिखाया जाता था फर्जी लाभ

पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि कथित तौर पर कुछ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और डैशबोर्ड का उपयोग कर निवेशकों को उनके खाते में बढ़ती हुई रकम दिखाई जाती थी। इससे लोगों को यह विश्वास हो जाता था कि उनका पैसा तेजी से बढ़ रहा है।

हालांकि जब पीड़ित अपनी राशि निकालने का प्रयास करते थे, तो उनसे अलग-अलग शुल्क, सत्यापन शुल्क या अन्य कारण बताकर अतिरिक्त रकम जमा करने को कहा जाता था। इसी प्रक्रिया में कई लोग बड़ी आर्थिक हानि का शिकार हो जाते थे।

छापेमारी में मिले कई अहम सुराग

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने बड़ी संख्या में मोबाइल फोन, कंप्यूटर उपकरण, बैंकिंग दस्तावेज और संचार साधन जब्त किए हैं। जांच एजेंसियां इन उपकरणों का तकनीकी विश्लेषण कर रही हैं ताकि पूरे नेटवर्क की कार्यप्रणाली और इससे जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा सके।

अधिकारियों का मानना है कि बरामद सामग्री से गिरोह की गतिविधियों और वित्तीय लेनदेन के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।

मनी ट्रेल की जांच पर विशेष फोकस

साइबर विशेषज्ञ और जांच अधिकारी अब धन के प्रवाह का पता लगाने में जुटे हुए हैं। बैंक खातों, डिजिटल वॉलेट और अन्य वित्तीय माध्यमों के जरिए हुई लेनदेन की पड़ताल की जा रही है। उद्देश्य यह जानना है कि ठगी से प्राप्त धनराशि कहां भेजी गई और इसका लाभ किन लोगों तक पहुंचा।

जांच एजेंसियां इस संभावना की भी जांच कर रही हैं कि नेटवर्क का संचालन विभिन्न राज्यों या देश के बाहर बैठे लोगों के साथ मिलकर किया जा रहा था।

साइबर सुरक्षा को लेकर चेतावनी

इस मामले के बाद पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि इंटरनेट पर अत्यधिक लाभ, कम समय में अधिक कमाई या निवेश पर असामान्य रिटर्न देने वाले प्रस्तावों से सावधान रहना चाहिए।

विशेषज्ञों का मानना है कि साइबर अपराधी लगातार नए तरीके अपनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। ऐसे में किसी भी ऑनलाइन योजना में धन निवेश करने से पहले उसकी विश्वसनीयता की जांच करना आवश्यक है।

जांच जारी, और खुलासों की संभावना

पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी प्रारंभिक चरण में है और पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं। अधिकारियों को उम्मीद है कि आगे की जांच में नेटवर्क के अन्य सदस्यों और संभावित सहयोगियों तक भी पहुंच बनाई जा सकेगी।

गुरुग्राम में हुई यह कार्रवाई साइबर अपराध के खिलाफ चल रही मुहिम में एक महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है और इससे ऑनलाइन धोखाधड़ी के संगठित नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई की उम्मीद बढ़ी है।

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