
पंकज त्रिपाठी चित्रकूट मऊ ब्लाक संवाददाता
रिपोर्टर हिट एंड हॉट न्यूज़
ग्राम पंचायत वियावल में विकास कार्यों की गति तेज होने से ग्रामीणों में संतोष का माहौल देखने को मिल रहा है। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि (प्रधान पति) का दावा है कि पंचायत क्षेत्र में ऐसे कई कार्य पूरे कराए गए हैं जो पिछले लगभग दस वर्षों से लंबित पड़े थे। विशेष रूप से गांव के अंतिम छोर तक इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण होने से किसानों और ग्रामीणों को आवागमन में काफी सुविधा मिली है।
ग्रामीणों के अनुसार पहले कच्चे और खराब रास्तों के कारण खेतों तक पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब इंटरलॉकिंग निर्माण से कृषि कार्यों के साथ-साथ दैनिक आवागमन भी आसान हो गया है। गांव के लोगों ने इस पहल को विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि का कहना है कि पंचायत क्षेत्र के नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से लिया जाता है और प्राप्त शिकायतों एवं मांगों को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाया जाता है। हालांकि उन्होंने ग्राम पंचायत अधिकारी के कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि कई महत्वपूर्ण समस्याओं के समाधान में अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा है।
इसी क्रम में ग्राम पंचायत भवन के समीप स्थित एक सार्वजनिक हैंडपंप पिछले काफी समय से खराब पड़ा हुआ है। यह हैंडपंप सैकड़ों ग्रामीणों के लिए पेयजल का प्रमुख स्रोत था। खराब होने के बाद इसे रिबोर कराने की प्रक्रिया शुरू की गई, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि मामले में पर्याप्त गंभीरता नहीं दिखाई गई, जिसके कारण समस्या अभी तक बनी हुई है।
भीषण गर्मी के मौसम में पेयजल संकट ने ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा पेयजल व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने और खराब हैंडपंपों की तत्काल मरम्मत के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन इसके बावजूद संबंधित स्तर पर कार्रवाई में देरी हो रही है।
ग्रामीणों ने बताया कि पानी की समस्या को लेकर कई बार अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया गया है। अब उन्होंने जिलाधिकारी से हस्तक्षेप कर समस्या का शीघ्र समाधान कराने तथा लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।
गांव के नागरिकों का मानना है कि जहां एक ओर पंचायत में विकास कार्यों ने नई उम्मीद जगाई है, वहीं पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा की समस्या का जल्द समाधान होना भी उतना ही आवश्यक है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कदम उठाएगा, जिससे लोगों को राहत मिल सके और विकास कार्यों का लाभ पूरी तरह से आम जनता तक पहुंच सके।
