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केंद्रीय कैबिनेट ने “पीएम विद्यालक्ष्मी” योजना को मंजूरी दी, मध्यवर्गीय छात्रों को मिलेगा शिक्षा ऋण

केंद्रीय कैबिनेट ने “प्रधानमंत्री विद्यालक्ष्मी” योजना को मंजूरी दे दी है, जिसका उद्देश्य उन मध्यवर्गीय छात्रों की मदद करना है जो उच्च शिक्षा संस्थानों में प्रवेश तो प्राप्त करना चाहते हैं, लेकिन वित्तीय सीमाओं के कारण ऋण प्राप्त करने में सक्षम नहीं होते।

इस योजना के तहत, कोई भी छात्र जो उच्च शिक्षा संस्थान में प्रवेश प्राप्त करता है और जो शिक्षा ऋण के लिए आवेदन करता है, वह पीएम विद्यालक्ष्मी योजना के तहत ऋण प्राप्त करने का पात्र होगा।

केंद्रीय सूचना मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा, “यह ऋण बिना किसी संपत्ति के जमानत और गारंटर के बिना उपलब्ध होगा।”

इस योजना के तहत हर वर्ष एक लाख छात्रों को कवर किया जाएगा।

वहीं, जिन छात्रों के परिवार की वार्षिक आय 8 लाख रुपये तक है, वे 10 लाख रुपये तक के शिक्षा ऋण पर 3 प्रतिशत ब्याज उपशमन (Interest Subvention) प्राप्त कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त, जिन छात्रों की परिवार की आय 4.5 लाख रुपये तक है, उन्हें पहले से ही ब्याज उपशमन का पूरा लाभ प्राप्त हो रहा है।

सरकार का यह भी कहना है कि कोई भी मेधावी छात्र वित्तीय बाधाओं के कारण उच्च शिक्षा से वंचित नहीं होगा।

उच्च शिक्षा विभाग हर वर्ष उच्च गुणवत्ता वाले संस्थानों की एक सूची तैयार करेगा, जिसमें शीर्ष 100 रैंक प्राप्त संस्थानों को शामिल किया जाएगा, जो सामान्य/विभाग विशेष और/या डोमेन विशेष रूप से रैंक किए जाएंगे।

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