
दुनिया तेजी से बदल रही है। राजनीतिक अस्थिरता, आर्थिक अनिश्चितता, वैश्विक संघर्षों और बदलते अंतरराष्ट्रीय नियमों के बीच अब केवल विकासशील देशों के लोग ही नहीं, बल्कि विकसित देशों के धनी नागरिक भी अपने भविष्य को लेकर नए विकल्प तलाश रहे हैं। हाल ही में जारी वर्ल्ड सिटिजनशिप रिपोर्ट (WCR) 2026 के अनुसार, दुनिया के लगभग 71 प्रतिशत उच्च संपत्ति वाले व्यक्ति (HNWIs) दूसरी नागरिकता प्राप्त करने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। यह प्रवृत्ति वैश्विक स्तर पर बढ़ती असुरक्षा और भविष्य को सुरक्षित बनाने की रणनीति को दर्शाती है।
दूसरी नागरिकता क्यों बन रही है आकर्षक?
बीते वर्षों में दूसरी नागरिकता को अक्सर उन लोगों से जोड़कर देखा जाता था जो राजनीतिक या आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहे देशों से बाहर निकलना चाहते थे। लेकिन अब यह धारणा बदल रही है। विकसित देशों के संपन्न नागरिक भी अतिरिक्त नागरिकता को एक सुरक्षा कवच के रूप में देखने लगे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि दूसरी नागरिकता केवल यात्रा की सुविधा या नए देश में रहने का अधिकार नहीं देती, बल्कि यह आर्थिक अवसरों, कर नियोजन, निवेश सुरक्षा और परिवार के भविष्य की बेहतर संभावनाओं का भी माध्यम बनती जा रही है।
अमेरिका और ब्रिटेन में बढ़ती रुचि
रिपोर्ट के अनुसार, निवेश के माध्यम से नागरिकता (Citizenship by Investment) कार्यक्रमों में सबसे अधिक आवेदन अमेरिकी नागरिकों की ओर से आ रहे हैं। यह संकेत देता है कि दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के कई संपन्न नागरिक भी अपने विकल्पों का विस्तार करना चाहते हैं।
इसी तरह ब्रिटेन में भी धनी व्यक्तियों के बीच दूसरी नागरिकता की मांग बढ़ रही है। बदलते आर्थिक वातावरण, कर नीतियों और वैश्विक प्रतिस्पर्धा ने कई लोगों को अपने भविष्य के लिए वैकल्पिक योजनाएं बनाने के लिए प्रेरित किया है।
अनिश्चित दुनिया में सुरक्षा की तलाश
कोविड-19 महामारी, भू-राजनीतिक तनाव, क्षेत्रीय संघर्ष और वैश्विक आर्थिक उतार-चढ़ाव ने यह स्पष्ट कर दिया है कि किसी एक देश पर पूरी तरह निर्भर रहना हमेशा सुरक्षित विकल्प नहीं हो सकता। इसी कारण अनेक संपन्न परिवार अब बहु-नागरिकता को जोखिम प्रबंधन के एक महत्वपूर्ण साधन के रूप में देख रहे हैं।
दूसरी नागरिकता उन्हें आवश्यकता पड़ने पर किसी अन्य देश में बसने, व्यवसाय संचालित करने, शिक्षा प्राप्त करने या स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाने की अतिरिक्त स्वतंत्रता प्रदान करती है।
वैश्विक गतिशीलता का नया युग
आज के दौर में नागरिकता केवल जन्मस्थान से जुड़ी पहचान नहीं रह गई है। यह वैश्विक अवसरों तक पहुंच का एक महत्वपूर्ण साधन बनती जा रही है। व्यापार, निवेश और अंतरराष्ट्रीय जीवनशैली अपनाने वाले लोगों के लिए विभिन्न देशों में कानूनी और आर्थिक पहुंच अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है।
इसी कारण धनी वर्ग अपनी संपत्ति और परिवार के हितों की रक्षा के लिए कई देशों में विकल्प तैयार रखने की रणनीति अपना रहा है। इसे वैश्विक गतिशीलता का नया युग माना जा सकता है, जहां नागरिकता भी एक रणनीतिक संपत्ति के रूप में उभर रही है।
भविष्य की दिशा
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में दूसरी नागरिकता और निवेश आधारित आव्रजन कार्यक्रमों की लोकप्रियता और बढ़ सकती है। दुनिया में बढ़ती अनिश्चितताओं के बीच लोग अधिक लचीलापन, सुरक्षा और अवसर चाहते हैं। ऐसे में बहु-नागरिकता की अवधारणा केवल एक विशेषाधिकार नहीं, बल्कि दीर्घकालिक योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा बनती जा रही है।
निष्कर्ष
वर्ल्ड सिटिजनशिप रिपोर्ट 2026 के निष्कर्ष बताते हैं कि दूसरी नागरिकता की मांग अब केवल विकासशील देशों तक सीमित नहीं है। विकसित देशों के संपन्न नागरिक भी अपने भविष्य को सुरक्षित बनाने, जोखिम कम करने और वैश्विक अवसरों का लाभ उठाने के लिए नए विकल्प तलाश रहे हैं। यह प्रवृत्ति इस बात का संकेत है कि बदलती दुनिया में नागरिकता की परिभाषा और उसका महत्व दोनों तेजी से विकसित हो रहे हैं।
