
नागपुर, 20 जून 2026। महाराष्ट्र के नागपुर शहर में पुलिस को वाहन चोरी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने एक अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गिरोह लंबे समय से दोपहिया और चारपहिया वाहनों की चोरी कर उन्हें अलग-अलग राज्यों में बेचने के नेटवर्क से जुड़ा हुआ था।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों की गतिविधियों पर पिछले कुछ समय से नजर रखी जा रही थी। लगातार मिल रही शिकायतों और तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस ने संदिग्धों की पहचान की और योजनाबद्ध कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं, जिनके आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है।
जांच में पता चला है कि गिरोह चोरी किए गए वाहनों को सीधे बेचने के बजाय उनके पुर्जे अलग-अलग कर देता था। इसके बाद इंजन, टायर, बैटरी और अन्य महत्वपूर्ण हिस्सों को अलग-अलग ग्राहकों तक पहुंचाया जाता था। इस तरीके से वाहन की पहचान करना मुश्किल हो जाता था और पुलिस के लिए चोरी की गाड़ियों का पता लगाना चुनौतीपूर्ण बन जाता था।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कई चोरी के वाहन और उनके पुर्जे बरामद किए हैं। बरामद सामान की कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि गिरोह का नेटवर्क महाराष्ट्र के अलावा पड़ोसी राज्यों तक फैला हुआ हो सकता है। इस संबंध में अन्य राज्यों की पुलिस से भी संपर्क किया जा रहा है।
नागपुर पुलिस का मानना है कि इस कार्रवाई से क्षेत्र में सक्रिय वाहन चोरी के संगठित अपराध पर बड़ा प्रहार हुआ है। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गिरोह अब तक कितने वाहनों की चोरी कर चुका है और किन-किन क्षेत्रों में उसके सदस्य सक्रिय थे।
पुलिस आयुक्तालय ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे अपने वाहनों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतें। वाहन पार्क करते समय सुरक्षा लॉक का उपयोग करें, सुनसान स्थानों पर वाहन खड़ा करने से बचें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
इस सफल कार्रवाई को नागपुर पुलिस की संगठित अपराध के खिलाफ एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे।
