
कौशांबी के फास्ट ट्रैक कोर्ट (प्रथम) में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विष्णुदेव सिंह ने एक महत्वपूर्ण मामले में दहेज हत्या के दोषी पति को 10 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषी पर 14 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। यह सजा जिले के मंझनपुर थाना क्षेत्र के देवखरपुर निवासी मिठाई लाल की बेटी शोभा देवी की हत्या के मामले में सुनाई गई है।
शोभा देवी का विवाह 11 जून 2019 को केसरिया गांव के उदय चंद से हुआ था। शादी के महज दो महीनों के भीतर ही शोभा को पति द्वारा प्रताड़ित किया जाने लगा। इस बीच शोभा को यह भी पता चला कि उसके पति का नाजायज संबंध उसकी भाभी के साथ है। जब शोभा ने इस रिश्ते का विरोध किया, तो 15 जुलाई 2020 को उदय चंद ने उसकी गला दबाकर हत्या कर दी।
शोभा के पिता मिठाई लाल ने बेटी की हत्या के बाद पुलिस को तहरीर दी, जिसमें पति और ससुराल के तीन अन्य लोगों के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया। पुलिस ने मामले की गहन जांच करते हुए पति उदय चंद के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया और मामले को गंभीर मानते हुए आरोपी के लिए कड़ी सजा की मांग की।
न्यायालय में इस मामले में चार गवाहों को पेश किया गया। दोनों पक्षों की दलीलों और सबूतों का बारीकी से अध्ययन करने के बाद अदालत ने उदय चंद को दोषी करार देते हुए यह सजा सुनाई। कोर्ट का यह फैसला समाज में दहेज हत्या और नाजायज रिश्तों के खिलाफ कड़ा संदेश है, और पीड़ित परिवार को न्याय की एक किरण प्रदान करता है।