
उत्तराखंड को हिमालय और पूर्वोत्तर राज्यों की श्रेणी में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड, हैदराबाद द्वारा सम्मानित किया जाएगा। यह पुरस्कार 21 नवंबर को नई दिल्ली में आयोजित होने वाले विश्व मत्स्य दिवस के अवसर पर दिया जाएगा। इस कार्यक्रम में केंद्रीय मत्स्य, पशुपालन, डेयरी और पंचायत राज राज्य मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ लल्लन सिंह पुरस्कार प्रदान करेंगे।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस उपलब्धि के लिए मत्स्य विभाग और मछुआरों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पशुपालकों और मछुआरों के कल्याण के लिए हर संभव सहायता प्रदान कर रही है। सरकार न केवल मैदानी क्षेत्रों में बल्कि पर्वतीय क्षेत्रों में भी मत्स्य पालन को बढ़ावा दे रही है।
मत्स्य पालन में राज्य की सफलता
उत्तराखंड में पिछले कुछ वर्षों में मत्स्य पालन को लेकर उल्लेखनीय प्रगति हुई है। सरकार ने पर्वतीय क्षेत्रों में जलाशयों और तालाबों के निर्माण के साथ ही आधुनिक तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया है। राज्य के ठंडे पानी की मछलियों की गुणवत्ता ने न केवल राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है, बल्कि इससे किसानों की आय में भी बढ़ोतरी हुई है।
ग्रामीण विकास और पलायन रोकने के प्रयास
इसी बीच, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उनकी सरकार राज्य के गांवों को विकसित करने और आर्थिक पलायन रोकने के लिए प्रभावी कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘आदर्श ग्राम’ के सपने को साकार करने के लिए उत्तराखंड सरकार ठोस कदम उठा रही है।
मुख्यमंत्री ने अपने दो दिवसीय सरकोट गांव के दौरे के दौरान कहा, “गांवों को सशक्त बनाकर और बेहतर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराकर हम पलायन को रोक सकते हैं।” उन्होंने ग्रामीणों से आह्वान किया कि वे गांवों की समृद्धि और विकास में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।
सरकार के प्रयास
सरकार द्वारा मत्स्य पालन के क्षेत्र में किए गए प्रयासों में वित्तीय सहायता, मछुआरों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम, और बाजार तक पहुंच प्रदान करना शामिल है। पर्वतीय क्षेत्रों में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने अनुदान आधारित योजनाएं चलाई हैं, जिससे स्थानीय मछुआरों को काफी लाभ हुआ है।
निष्कर्ष
उत्तराखंड का यह सम्मान राज्य के मछुआरों और मत्स्य विभाग के कर्मचारियों के कठोर परिश्रम का प्रमाण है। यह न केवल राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दिलाएगा, बल्कि अन्य राज्यों को भी प्रेरित करेगा कि वे मत्स्य पालन जैसे क्षेत्रों में नए आयाम स्थापित करें। उत्तराखंड सरकार के इन प्रयासों से न केवल ग्रामीण क्षेत्रों का विकास होगा, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।