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अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन का आखिरी मिशन: टूटकर महासागर में समाने के बाद क्या होगा अगला कदम?

वैज्ञानिक दुनिया के सबसे बड़े प्रयोगशाला का अंत
अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (ISS) अपने जीवन के अंतिम पड़ाव पर है। यह 20 वर्षों से अधिक समय तक अंतरिक्ष में वैज्ञानिक अनुसंधान और वैश्विक सहयोग का प्रतीक रहा है। लेकिन अब यह विशालकाय संरचना अपने अंतिम मिशन की ओर बढ़ रही है। वैज्ञानिकों ने योजना बनाई है कि ISS को धीरे-धीरे पृथ्वी के वातावरण में प्रवेश कराया जाएगा, जहां यह जलकर नष्ट हो जाएगा और उसके अवशेष प्रशांत महासागर के एक दूरस्थ हिस्से में गिरेंगे।

ISS के अंतिम क्षण कैसे होंगे?
ISS को ‘प्वाइंट निमो’ नामक स्थान पर गिराने की योजना बनाई गई है। प्वाइंट निमो, महासागरों के बीच का एक ऐसा क्षेत्र है जो पृथ्वी पर किसी भी आबादी से सबसे दूर है। यहां, 400 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से यह अंतरिक्ष प्रयोगशाला टूटकर छोटे-छोटे टुकड़ों में बदल जाएगी। यह प्रक्रिया वर्ष 2030 के आसपास पूरी होने की संभावना है।

ISS के बाद का भविष्य: नए प्रोजेक्ट्स पर नज़र
ISS के बाद, अंतरिक्ष में नई पीढ़ी के स्पेस स्टेशनों की तैयारी हो रही है। नासा, यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA), और अन्य साझेदार मिलकर ऐसे प्राइवेट स्पेस स्टेशनों के निर्माण की योजना बना रहे हैं जो अंतरिक्ष में अनुसंधान और व्यापार का नया युग शुरू करेंगे।

1. चंद्रमा पर फोकस:
ISS के बाद, नासा का ध्यान चंद्रमा पर नए स्पेस स्टेशन ‘गेटवे’ के निर्माण पर होगा। यह स्टेशन चंद्रमा की कक्षा में स्थापित किया जाएगा और भविष्य के मून और मंगल मिशनों के लिए एक अहम केंद्र बनेगा।

2. निजी कंपनियों की भागीदारी:
स्पेसएक्स, ब्लू ओरिजिन जैसी कंपनियां अब अंतरिक्ष में अपने निजी स्टेशन स्थापित करने की तैयारी कर रही हैं। ये स्टेशन वैज्ञानिक अनुसंधान के साथ-साथ अंतरिक्ष पर्यटन का भी केंद्र बन सकते हैं।

3. भारत और चीन की योजनाएं:
भारत और चीन भी अपने-अपने स्पेस स्टेशन बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। चीन का तियानगोंग स्पेस स्टेशन पहले से ही अंतरिक्ष में सक्रिय है। भारत भी अपनी गगनयान परियोजना के तहत स्पेस स्टेशन की स्थापना की योजना बना रहा है।

अंतरिक्ष अनुसंधान का नया युग
ISS के अंत के साथ, एक नए युग की शुरुआत होगी। अंतरिक्ष में वैज्ञानिक खोजों और व्यावसायिक उपयोग का विस्तार नई ऊंचाइयों को छुएगा। मानव जाति के लिए यह एक बड़ा कदम होगा, जहां नई तकनीकों और अंतरिक्ष के रहस्यों को सुलझाने की दिशा में प्रगति होगी।

निष्कर्ष
अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन का अंत भले ही एक युग की समाप्ति हो, लेकिन यह नए अध्याय की शुरुआत का संकेत है। आने वाले दशक में, अंतरिक्ष में मानव उपस्थिति और वैज्ञानिक अनुसंधान के नए आयाम खुलेंगे। अंतरिक्ष का यह सफर अनंत संभावनाओं से भरा हुआ है।

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