
अनूप सिंह
चित्रकूट में दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (एलिम्को) ने जिला प्रशासन के सहयोग से देश के पहले प्रधानमंत्री दिव्याशा केंद्र की स्थापना की है। इस केंद्र का उद्घाटन जिलाधिकारी शिवशरण अप्पा जी एन ने फीता काटकर किया। यह केंद्र दिव्यांगजनों के लिए उपकरण निर्माण और निशुल्क वितरण दोनों की सुविधाएं प्रदान करेगा।
दिव्यांगजनों को राहत की नई उम्मीद
यह केंद्र दिव्यांगजनों के जीवन को सरल और स्वावलंबी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। अब दिव्यांगजनों को उपकरण प्राप्त करने के लिए शिविरों का इंतजार करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वे सीधे इस केंद्र में जाकर अपना पंजीकरण करा सकते हैं और सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं।
30 लाख रुपये के उपकरण वितरित
उद्घाटन समारोह के दौरान राष्ट्रीय बायोश्री योजना के तहत जिलाधिकारी ने दिव्यांगजनों को 30 लाख रुपये मूल्य के कृत्रिम उपकरण वितरित किए। साथ ही ठंड के मौसम को ध्यान में रखते हुए कंबल भी वितरित किए गए। यह पहल दिव्यांगजनों के जीवन को आसान बनाने के साथ-साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास है।
एलिम्को की अनूठी पहल
एलिम्को की इस पहल ने दिव्यांगजनों को बड़ी राहत प्रदान की है। केंद्र के माध्यम से अब जरूरतमंद लोग आसानी से उपकरण प्राप्त कर सकेंगे। यह कदम न केवल चित्रकूट जिले बल्कि पूरे देश में दिव्यांगजनों के लिए एक प्रेरणादायक मॉडल बन सकता है।
इस ऐतिहासिक पहल से न केवल दिव्यांगजन लाभान्वित होंगे बल्कि समाज में उनके प्रति संवेदनशीलता और सम्मान का भाव भी बढ़ेगा।