HIT AND HOT NEWS

ताइवान के पास चीनी सैन्य गतिविधियों में वृद्धि: नौसेना और वायु सेना की निगरानी बढ़ी

ताइवान के राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय (MND) ने शनिवार सुबह तक ताइवान के आस-पास नौ चीनी सैन्य विमान और पांच नौसैनिक जहाजों की गतिविधियों का पता लगाया। ताइवान के अनुसार, इन विमानों में से छह ने ताइवान जलडमरूमध्य की मध्य रेखा पार की और ताइवान के उत्तरी, दक्षिण-पश्चिमी और दक्षिण-पूर्वी वायु रक्षा पहचान क्षेत्र (ADIZ) में प्रवेश किया।

चीन की गतिविधियों के जवाब में ताइवान की कार्रवाई

चीन की इस कार्रवाई के जवाब में, ताइवान ने अपनी वायु सेना और नौसैनिक जहाजों को तैनात किया और तट आधारित मिसाइल प्रणाली का उपयोग करते हुए बीजिंग की गतिविधियों की निगरानी शुरू की। ताइवान के MND ने एक पोस्ट में जानकारी दी, “आज सुबह 6 बजे (UTC+8) तक, ताइवान के आसपास 9 चीनी सैन्य विमान और 5 नौसैनिक जहाजों की गतिविधियां देखी गईं। इनमें से 6 विमानों ने ताइवान जलडमरूमध्य की मध्य रेखा को पार किया और उत्तरी, दक्षिण-पश्चिमी और दक्षिण-पूर्वी ADIZ में प्रवेश किया। हमने स्थिति की निगरानी की और आवश्यक कदम उठाए।”

दिसंबर में अब तक चीनी गतिविधियां

दिसंबर महीने में ताइवान ने अब तक 331 चीनी सैन्य विमानों और 220 नौसैनिक जहाजों की गतिविधियों का पता लगाया है। यह आंकड़ा ताइवान के लिए बढ़ते सुरक्षा खतरे को दर्शाता है। सितंबर 2020 के बाद से चीन ने अपने “ग्रे ज़ोन” रणनीति के तहत ताइवान के आसपास सैन्य गतिविधियों में वृद्धि की है।

ग्रे ज़ोन रणनीति क्या है?

“ग्रे ज़ोन” रणनीति वह नीति है, जिसमें किसी देश द्वारा अपनी सुरक्षा हितों को बिना सीधे सैन्य संघर्ष में उतरे हासिल करने के लिए निरंतर दबाव डाला जाता है। ताइवान न्यूज़ के अनुसार, यह रणनीति चीन द्वारा ताइवान पर दबाव बनाने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी सैन्य उपस्थिति को बढ़ाने के उद्देश्य से अपनाई गई है।

क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा

चीनी सैन्य गतिविधियों में इस वृद्धि को ताइवान और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए एक बड़ा खतरा माना जा रहा है। ताइवान के अधिकारियों का कहना है कि ये गतिविधियां न केवल ताइवान की सुरक्षा के लिए खतरनाक हैं, बल्कि पूरे एशिया-प्रशांत क्षेत्र में तनाव को बढ़ा सकती हैं।

ताइवान की रणनीतिक तैयारी

चीन की बढ़ती आक्रामकता को देखते हुए ताइवान ने अपनी रक्षा तैयारियों को मजबूत किया है। इसके तहत वायु सेना, नौसेना, और तट आधारित मिसाइल प्रणालियों की तैनाती में वृद्धि की गई है। ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने यह स्पष्ट किया है कि वे चीन की हर गतिविधि पर कड़ी निगरानी रख रहे हैं और आवश्यक कदम उठाने के लिए तैयार हैं।

निष्कर्ष

चीन की बढ़ती सैन्य गतिविधियां और ताइवान के प्रति उसकी “ग्रे ज़ोन” रणनीति क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए एक गंभीर चुनौती बन गई हैं। ताइवान ने अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठाए हैं, लेकिन इस तनाव को कम करने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका भी महत्वपूर्ण होगी।

Exit mobile version