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2024 में चीन को भारी उथल-पुथल का सामना, 2025 में अमेरिका-चीन संबंधों में बढ़ेगा तनाव

सांकेतिक तस्वीर

साल 2024 चीन के लिए भारी उथल-पुथल से भरा रहा। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों के बावजूद, चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (CCP) और अध्यक्ष शी जिनपिंग ने अपने आक्रामक रुख को और मजबूत किया। देश-विदेश में असहमति को दबाने के लिए चीन का यह सख्त रवैया 2025 में अमेरिका-चीन संबंधों को और प्रभावित कर सकता है।

अमेरिका-चीन संबंध: बढ़ता तनाव

डोनाल्ड ट्रंप के 5 नवंबर 2024 को दूसरी बार अमेरिकी राष्ट्रपति चुने जाने के बाद से ही चीन और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ गया है। ट्रंप के 20 जनवरी 2025 को शपथ ग्रहण से पहले ही चीन ने कई विवादास्पद कदम उठाए। इनमें अमेरिकी ट्रेजरी विभाग को हैक करना और “दूरसंचार इतिहास की सबसे बड़ी हैकिंग” को अंजाम देना शामिल है।

इसके अलावा, चीन ने कड़े निर्यात नियंत्रण लागू किए और कई अमेरिकी कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए। इन कार्रवाइयों से यह स्पष्ट होता है कि चीन द्विपक्षीय संबंधों में अपनी शर्तें थोपने की कोशिश कर रहा है।

2025 के लिए विशेषज्ञ की भविष्यवाणियां

एशिया सोसाइटी पॉलिसी इंस्टीट्यूट के सेंटर फॉर चाइना एनालिसिस में वरिष्ठ शोधकर्ता, लाइल मॉरिस ने 2025 में अमेरिका-चीन संबंधों को लेकर चार प्रमुख भविष्यवाणियां की हैं:

1. सहयोग की कोशिश, लेकिन छिपे रणनीतिक उद्देश्य
चीन 2025 में अमेरिका के साथ सहयोग के संभावित क्षेत्रों पर जोर देगा और इसे “नए सिरे से शुरुआत” का नाम देगा। हालांकि, यह केवल एक रणनीतिक कदम होगा ताकि वह अपने दीर्घकालिक हितों को साध सके।

2. आर्थिक अलगाव में तेजी
दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव के चलते आर्थिक अलगाव (Economic Decoupling) तेज हो सकता है। चीन की निर्यात नियंत्रण और अमेरिकी कंपनियों पर प्रतिबंध लगाने की नीति यह संकेत देती है कि वह अमेरिकी बाजारों और तकनीक पर निर्भरता कम करने की कोशिश कर रहा है।

3. साइबर सुरक्षा संघर्ष बढ़ेगा
चीन द्वारा किए गए बड़े साइबर हमलों के बाद, 2025 में यह एक प्रमुख संघर्ष क्षेत्र बन सकता है। अमेरिका अपनी साइबर सुरक्षा को मजबूत करने और चीन के आक्रामक रवैये का जवाब देने के लिए कठोर कदम उठा सकता है।

4. ताइवान बनेगा तनाव का केंद्र
ताइवान पर चीन की आक्रामक नीति 2025 में अमेरिका-चीन संबंधों में बड़ा मुद्दा बनेगी। अमेरिका ताइवान को सैन्य और कूटनीतिक समर्थन बढ़ा सकता है, जिससे बीजिंग के साथ तनाव और बढ़ेगा।

2025: एक निर्णायक साल

2025 अमेरिका-चीन संबंधों के लिए एक निर्णायक साल साबित होने वाला है। चीन भले ही सहयोग का दिखावा करे, लेकिन उसकी आक्रामकता और विस्तारवादी नीतियां जारी रहने की संभावना है।

दूसरी ओर, ट्रंप प्रशासन चीन पर कड़ा रुख अपनाएगा और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में अपने सहयोगियों को मजबूत करेगा। इस बढ़ते तनाव के बीच अंतरराष्ट्रीय स्थिरता पर इसका बड़ा प्रभाव पड़ सकता है।

दुनिया की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि इन दो महाशक्तियों के बीच रिश्ते किस दिशा में जाते हैं। एक बात स्पष्ट है—आने वाला समय उथल-पुथल और संभावित संघर्षों से भरा रहेगा।

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