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आरएमएस 2025-26 के लिए गेहूं खरीद पर केंद्रीय मंत्री की समीक्षा बैठक

अनूप सिंह

15 जनवरी 2025 को केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री प्रल्हाद जोशी ने आगामी रबी विपणन सत्र (RMS) 2025-26 के तहत गेहूं खरीद की तैयारियों का जायजा लेने के लिए उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, गुजरात और राजस्थान के खाद्य मंत्रियों के साथ एक वर्चुअल बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में गेहूं की खरीद प्रक्रिया को सुगम और प्रभावी बनाने के लिए महत्वपूर्ण सुझावों और रणनीतियों पर चर्चा की गई।

गेहूं खरीद की क्षमता पर जोर

केंद्रीय मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि उपरोक्त पांच राज्य केंद्रीय पूल में पर्याप्त मात्रा में गेहूं का योगदान कर सकते हैं। यह योगदान न केवल राष्ट्र की खाद्य सुरक्षा को सुनिश्चित करेगा बल्कि बाजार में आपूर्ति के आधार पर कीमतों को स्थिर रखने के लिए भी महत्वपूर्ण होगा।

महत्वपूर्ण बिंदु और कार्रवाई की रणनीति

बैठक के दौरान, केंद्रीय मंत्री ने निम्नलिखित प्राथमिकताओं पर ध्यान केंद्रित किया:

  1. जिलेवार लक्ष्य निर्धारण: राज्यों को उनकी क्षमता के आधार पर गेहूं खरीद के लिए लक्ष्य तय करने के निर्देश दिए गए।
  2. दूरदराज क्षेत्रों में खरीद केंद्र खोलना: ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों तक खरीद की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए अधिक केंद्र खोलने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
  3. किसानों के लिए सरल प्रक्रिया: किसानों के पंजीकरण को आसान और सुविधाजनक बनाने की बात कही गई ताकि अधिक से अधिक किसान प्रक्रिया से जुड़ सकें।
  4. समय पर एमएसपी भुगतान: यह सुनिश्चित किया गया कि किसानों को उनकी उपज का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) समय पर मिले।
  5. खरीदे गए स्टॉक की गुणवत्ता: राज्य सरकारों से आग्रह किया गया कि वे खरीदे गए गेहूं की गुणवत्ता मानकों का पालन करें।
  6. पैक्स, पंचायतों और एफपीओ की भागीदारी: खासकर बिहार जैसे राज्यों में, प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (पैक्स) को सक्रिय भूमिका निभाने के लिए कहा गया।
  7. प्रशिक्षित कार्यबल की उपलब्धता: मंडियों में प्रशिक्षित कर्मियों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।

अन्य राज्यों पर निर्भरता कम करने का सुझाव

बैठक में यह भी सुझाव दिया गया कि पीएमजीकेएवाई (प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना) के तहत राज्यों को गेहूं की स्थानीय स्तर पर अधिकतम खरीद करनी चाहिए। इससे न केवल केंद्रीय पूल में पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित होगा, बल्कि परिवहन लागत को भी कम किया जा सकेगा।

राज्यों का सहयोग

बैठक में शामिल राज्यों के खाद्य मंत्रियों ने आश्वासन दिया कि वे केंद्रीय मंत्री द्वारा दिए गए सुझावों को लागू करेंगे। इसके साथ ही, उन्होंने आरएमएस 2025-26 के दौरान गेहूं की खरीद को बढ़ाने के लिए हरसंभव प्रयास करने का वादा किया।

उच्च अधिकारियों की भागीदारी

इस बैठक में खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के सचिव, राज्यों के खाद्य सचिव और भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक ने भी हिस्सा लिया। बैठक के दौरान समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए सभी स्तरों पर समन्वय का आह्वान किया गया।

निष्कर्ष

यह बैठक आरएमएस 2025-26 के लिए गेहूं खरीद को प्रभावी और व्यापक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई। सभी राज्यों के समन्वित प्रयास से न केवल खाद्य सुरक्षा को मजबूत किया जा सकेगा, बल्कि किसानों को भी उनके उत्पाद का उचित मूल्य समय पर प्राप्त होगा।


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