
16 जनवरी 2025 को गुजरात के महेसाणा स्थित गणपत यूनिवर्सिटी का 18वां दीक्षांत समारोह बड़े धूमधाम से संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में भारत के केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। इस अवसर पर गणपत यूनिवर्सिटी के संरक्षक अध्यक्ष श्री गणपत पटेल और गुजरात सरकार के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री ऋषिकेश पटेल सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने शिरकत की।
गणपत यूनिवर्सिटी: आधुनिक शिक्षा का प्रतीक
अपने संबोधन में श्री अमित शाह ने कहा कि गणपत यूनिवर्सिटी नारी सशक्तिकरण और आधुनिक शिक्षा का प्रतीक है। उन्होंने यह भी बताया कि यूनिवर्सिटी ने कृषि शिक्षा को प्राथमिकता देकर आधुनिक कृषि के विकास में योगदान दिया है। इस वर्ष कुल 4175 विद्यार्थियों ने दीक्षांत समारोह में अपनी डिग्री प्राप्त की।
श्री शाह ने विद्यार्थियों को यह सलाह दी कि वे अपने अंदर के विद्यार्थी को कभी मरने न दें, क्योंकि सीखने की प्रवृत्ति ही उन्हें नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ज्ञान प्राप्त करने का उद्देश्य केवल अंक प्राप्त करना नहीं, बल्कि जीवन में कुछ नया सीखना और उसे अपनाना होना चाहिए।
प्रधानमंत्री का विज़न और भारत का भविष्य
केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की योजनाओं की सराहना की। उन्होंने बताया कि स्किल इंडिया, डिजिटल इंडिया और पीएलआई (प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव) जैसी योजनाओं ने भारत को वैश्विक उत्पादन हब बनाने में मदद की है। इससे युवाओं के लिए रोजगार के अनेक अवसर उत्पन्न हुए हैं।
श्री शाह ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री ने देश को 2047 तक हर क्षेत्र में विश्व में अग्रणी बनाने का लक्ष्य दिया है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे इस लक्ष्य को प्राप्त करने में अपना योगदान दें।
उच्च शिक्षा में हुई प्रगति
श्री अमित शाह ने पिछले 10 वर्षों में देश में उच्च शिक्षा में हुई प्रगति पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि 8 नए IIM, 7 नए IIT, और 54 निजी यूनिवर्सिटी की स्थापना से लाखों युवाओं को उच्च शिक्षा के अवसर मिले हैं। उन्होंने यह भी बताया कि मेडिकल कॉलेजों की संख्या 2014 के 387 से बढ़कर अब 766 हो गई है। इसी तरह, एमबीबीएस और एमडी/एमएस की डिग्री पाने वाले छात्रों की संख्या में दोगुनी से अधिक वृद्धि हुई है।
स्टार्टअप्स और यूनिकॉर्न्स का युग
श्री शाह ने भारत में स्टार्टअप्स की बढ़ती संख्या का उल्लेख करते हुए कहा कि आज भारत में 1000 से अधिक यूनिकॉर्न स्टार्टअप्स हैं। स्किल इंडिया और डिजिटल इंडिया जैसी पहलों ने युवाओं को इनोवेशन और उद्यमिता के क्षेत्र में प्रोत्साहित किया है।
सहयोग और ज्ञान का महत्व
श्री शाह ने कहा कि युवाओं को प्रतिस्पर्धा की संस्कृति छोड़कर सहयोग की संस्कृति अपनानी चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि डिग्री और अंक के बजाय ज्ञान अर्जन को प्राथमिकता दें। आईडिया एक्सचेंज को प्रोत्साहित करते हुए उन्होंने युवाओं को सुझाव दिया कि वे अपने विचारों से समाज में बदलाव लाने का प्रयास करें।
नए भारत का निर्माण
श्री अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा कि भारत आज वैश्विक कंपनियों के लिए निवेश का पसंदीदा स्थान बन गया है। उन्होंने इस अवसर पर युवाओं से आग्रह किया कि वे प्रधानमंत्री के “आत्मनिर्भर भारत” के दृष्टिकोण को अपनाते हुए अपने कौशल और ज्ञान का उपयोग देश के विकास में करें।
गणपत यूनिवर्सिटी का यह दीक्षांत समारोह न केवल शिक्षा और नारी सशक्तिकरण का उत्सव था, बल्कि यह युवाओं को उनके भविष्य के लिए प्रेरित करने का मंच भी बना। यह समारोह भारतीय शिक्षा प्रणाली और प्रधानमंत्री के विज़न का जीवंत उदाहरण था, जो भारत को विश्व पटल पर अग्रणी बनाने की दिशा में अग्रसर है।