
अजमेर (राजस्थान):
महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और आत्मविश्वास को सशक्त बनाने के उद्देश्य से राजस्थान पुलिस ने अजमेर में ‘महिला सुरक्षा संकल्प अभियान’ के तहत विशेष संवाद एवं महिला सम्मान समारोह आयोजित किया। इस पहल के माध्यम से महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों, सुरक्षा उपायों और आपातकालीन सहायता सेवाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
महिला स्वयंसेवकों से सीधा संवाद
कार्यक्रम में महिला स्वयंसेवकों के साथ संवाद स्थापित कर उन्हें महिला सुरक्षा से जुड़े कानूनों, ऑपरेशन गरिमा और पॉक्सो (POCSO) अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी दी गई। साथ ही महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और किसी भी प्रकार के उत्पीड़न की स्थिति में तुरंत शिकायत करने के लिए प्रेरित किया गया।
आत्मरक्षा और बच्चों की सुरक्षा पर विशेष जोर
अभियान के दौरान महिलाओं और बालिकाओं को आत्मरक्षा के व्यावहारिक उपाय बताए गए। बच्चों की सुरक्षा के लिए ‘गुड टच–बैड टच’ की महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई, ताकि वे किसी भी अनुचित व्यवहार की पहचान कर समय रहते सतर्क हो सकें।
राजकॉप सिटीजन ऐप और हेल्पलाइन की जानकारी
पुलिस अधिकारियों ने प्रतिभागियों को RajCop Citizen App का उपयोग करने की प्रक्रिया समझाई, जिससे आपातकालीन स्थिति में तुरंत पुलिस सहायता प्राप्त की जा सके। इसके साथ ही महिलाओं को विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी दी गई, जिनमें प्रमुख हैं—
- 1090 – महिला हेल्पलाइन
- 1930 – साइबर हेल्पलाइन
- 1098 – चाइल्ड हेल्पलाइन
सतर्कता ही सबसे बड़ी सुरक्षा
राजस्थान पुलिस ने संदेश दिया कि सुरक्षा की शुरुआत जागरूकता और सतर्कता से होती है। कानून और नागरिक अधिकारों की सही जानकारी प्रत्येक महिला को आत्मविश्वास के साथ अपने अधिकारों की रक्षा करने की शक्ति देती है।
निष्कर्ष
अजमेर पुलिस का यह जनजागरूकता अभियान महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षित, जागरूक और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। ऐसे अभियान समाज में सुरक्षा के प्रति विश्वास बढ़ाने और महिलाओं को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
