
नई दिल्ली:
वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच भारत के निर्यात क्षेत्र ने शानदार प्रदर्शन करते हुए नई उपलब्धि हासिल की है। अप्रैल से जून 2026-27 की अवधि में भारत का कुल (वस्तु एवं सेवा) निर्यात बढ़कर 232.73 अरब अमेरिकी डॉलर पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के 208.98 अरब डॉलर की तुलना में 11.37 प्रतिशत अधिक है। यह वृद्धि भारतीय अर्थव्यवस्था और निर्यात क्षेत्र की बढ़ती मजबूती का संकेत मानी जा रही है।
📦 वस्तु निर्यात में उल्लेखनीय बढ़ोतरी
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल-जून 2026-27 के दौरान वस्तु (Merchandise) निर्यात 129.32 अरब अमेरिकी डॉलर रहा। पिछले वर्ष की इसी अवधि में यह आंकड़ा 111.57 अरब डॉलर था। इस प्रकार वस्तु निर्यात में 15.92 प्रतिशत की प्रभावशाली वृद्धि दर्ज की गई।
🌍 गैर-पेट्रोलियम निर्यात ने दिखाई मजबूती
भारत का गैर-पेट्रोलियम निर्यात भी लगातार मजबूत बना हुआ है। इस अवधि में इसका मूल्य 106.30 अरब अमेरिकी डॉलर रहा, जो पिछले वर्ष के 94.54 अरब डॉलर की तुलना में 12.44 प्रतिशत अधिक है। यह दर्शाता है कि भारत का निर्यात आधार लगातार विविध और मजबूत होता जा रहा है।
💎 इन क्षेत्रों ने बढ़ाई निर्यात की रफ्तार
जून 2026 में भारत के निर्यात को गति देने वाले प्रमुख क्षेत्रों में शामिल हैं—
- 💎 रत्न एवं आभूषण (Gems & Jewellery)
- ⚙️ इंजीनियरिंग उत्पाद
- 🧪 कार्बनिक एवं अकार्बनिक रसायन
- 💻 इलेक्ट्रॉनिक सामान
- 🌾 चावल
इन क्षेत्रों के बेहतर प्रदर्शन ने भारत के कुल निर्यात में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
🚀 अर्थव्यवस्था को मिलेगा नया बल
विशेषज्ञों का मानना है कि निर्यात में लगातार हो रही वृद्धि से विदेशी मुद्रा भंडार मजबूत होगा, उद्योगों को नई ऊर्जा मिलेगी, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और भारत की वैश्विक व्यापारिक प्रतिस्पर्धा और अधिक मजबूत होगी।
निष्कर्ष
अप्रैल-जून 2026 की निर्यात उपलब्धियां यह साबित करती हैं कि भारत वैश्विक बाजार में अपनी मजबूत पहचान लगातार स्थापित कर रहा है। वस्तु और सेवा निर्यात में दोहरे अंकों की वृद्धि, गैर-पेट्रोलियम निर्यात का विस्तार और प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों का बेहतर प्रदर्शन देश की आर्थिक प्रगति के लिए सकारात्मक संकेत हैं। आने वाले समय में यह गति भारत को वैश्विक व्यापार की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में और सशक्त स्थान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
