
नई दिल्ली: भारत में स्वदेशी तकनीक और नवाचार को नई गति देने की दिशा में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने Drone Federation of India (DFI) के सहयोग से National Innovation Challenge for Drone Application and Research (NIDAR 2.0) का दूसरा संस्करण शुरू किया है। यह पहल युवाओं, शोधकर्ताओं और तकनीकी संस्थानों को भारतीय चिप्स पर आधारित उन्नत ड्रोन नियंत्रण प्रणाली विकसित करने के लिए प्रेरित करेगी और देश को ड्रोन प्रौद्योगिकी में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
🎯 छात्रों और नवाचार को मिलेगा राष्ट्रीय मंच
NIDAR 2.0 का मुख्य उद्देश्य देशभर के छात्रों और युवा नवाचारकर्ताओं को ऐसी ड्रोन तकनीक विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करना है, जो भारतीय डिज़ाइन और स्वदेशी चिप्स पर आधारित हो। इससे छात्रों को वास्तविक तकनीकी चुनौतियों पर काम करने और अपने विचारों को व्यावहारिक समाधान में बदलने का अवसर मिलेगा।
💰 ₹65 लाख से अधिक के पुरस्कार और विशेष अवसर
प्रतियोगिता में भाग लेने वाली उत्कृष्ट टीमों के लिए ₹65 लाख से अधिक का पुरस्कार पूल निर्धारित किया गया है। इसके अलावा विजेता टीमों को प्रमुख उद्योगों में कॉर्पोरेट इंटर्नशिप, इन्क्यूबेशन सपोर्ट और क्लाउड कंप्यूटिंग क्रेडिट्स भी उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि वे अपने प्रोटोटाइप को आगे विकसित कर व्यावसायिक उत्पाद का रूप दे सकें।
🇮🇳 स्वदेशी चिप्स और तकनीक पर विशेष जोर
इस पहल की सबसे बड़ी विशेषता भारतीय निर्मित चिप्स पर आधारित ड्रोन नियंत्रण प्रणाली विकसित करना है। इससे विदेशी तकनीक पर निर्भरता कम होगी, घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग को बढ़ावा मिलेगा और राष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षित एवं विश्वसनीय ड्रोन तकनीक का विकास होगा।
🚀 ‘स्वायान’ पहल को मिलेगी नई गति
NIDAR 2.0, भारत की ‘स्वायान’ (SwaYaan) पहल का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य अनुसंधान, नवाचार और उद्योग के बीच मजबूत सहयोग स्थापित करना है, ताकि देश में उभरती तकनीकों का विकास तेज़ी से हो और युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने का अवसर मिल सके।
🌍 ड्रोन उद्योग के लिए खुलेंगे नए अवसर
विशेषज्ञों का मानना है कि ड्रोन तकनीक का उपयोग कृषि, आपदा प्रबंधन, रक्षा, लॉजिस्टिक्स, सर्वेक्षण, स्वास्थ्य सेवाओं और बुनियादी ढांचे के विकास जैसे अनेक क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में स्वदेशी तकनीक पर आधारित समाधान भारत को वैश्विक ड्रोन उद्योग में मजबूत पहचान दिला सकते हैं।
💼 स्टार्टअप और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
यह पहल केवल तकनीकी प्रतियोगिता नहीं, बल्कि स्टार्टअप संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में भी एक बड़ा कदम है। नवाचार आधारित कंपनियों, शोध संस्थानों और युवा उद्यमियों को नए अवसर मिलेंगे, जिससे उच्च कौशल वाले रोजगार और तकनीकी उद्यमों का विस्तार होगा।
✨ निष्कर्ष
NIDAR 2.0 भारत के ड्रोन इकोसिस्टम को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की एक महत्वपूर्ण पहल है। स्वदेशी तकनीक, भारतीय चिप्स, युवा प्रतिभा और उद्योग के सहयोग के माध्यम से यह कार्यक्रम आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूती देगा। आने वाले वर्षों में ऐसे नवाचार भारत को ड्रोन तकनीक और उन्नत इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की ओर अग्रसर कर सकते हैं।
