
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में यमुना नदी में चार नाबालिगों के डूबने की आशंका के बाद प्रशासन ने व्यापक स्तर पर बचाव अभियान शुरू कर दिया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग और आपदा राहत दल मौके पर पहुंचे और नदी में लगातार तलाश अभियान चला रहे हैं। इस घटना से पूरे इलाके में चिंता और बेचैनी का माहौल है।
घटना के बाद तुरंत शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन
प्रत्यक्षदर्शियों से सूचना मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत बचाव एजेंसियों को अलर्ट किया। इसके बाद गोताखोरों और राहत टीमों को नदी में उतारा गया। तेज बहाव और नदी की गहराई के बावजूद टीमें लगातार संभावित स्थानों पर तलाश कर रही हैं।
कई एजेंसियां मिलकर कर रही हैं अभियान
सर्च ऑपरेशन में पुलिस, गोताखोर, दमकल विभाग और अन्य संबंधित बचाव एजेंसियां संयुक्त रूप से काम कर रही हैं। अधिकारियों के अनुसार, नदी के विभिन्न हिस्सों में लगातार निगरानी रखी जा रही है और आधुनिक उपकरणों की मदद से खोज अभियान जारी है।
परिजनों की बढ़ी चिंता
घटना की सूचना मिलने के बाद परिजन और स्थानीय लोग बड़ी संख्या में घटनास्थल पर पहुंच गए। प्रशासन ने लोगों से संयम बनाए रखने और बचाव कार्य में सहयोग करने की अपील की है ताकि अभियान बिना किसी बाधा के जारी रह सके।
प्रशासन की अपील
अधिकारियों ने लोगों से नदी के गहरे और प्रतिबंधित क्षेत्रों में जाने से बचने की अपील की है। विशेष रूप से बरसात के मौसम में जलस्तर और तेज बहाव के कारण यमुना में उतरना बेहद जोखिम भरा हो सकता है।
जांच भी जारी
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि चारों नाबालिग नदी तक कैसे पहुंचे और घटना किन परिस्थितियों में हुई। बचाव अभियान पूरा होने के बाद मामले के सभी पहलुओं की विस्तृत जांच की जाएगी।
निष्कर्ष
दिल्ली में यमुना नदी में चार नाबालिगों के डूबने की आशंका ने सभी को चिंतित कर दिया है। फिलहाल पुलिस और बचाव दल पूरी क्षमता के साथ सर्च ऑपरेशन में जुटे हुए हैं। प्रशासन का कहना है कि अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक सभी संभावित स्थानों की पूरी तरह तलाशी नहीं ले ली जाती। लोगों से अपील की गई है कि वे केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें और अफवाहों से बचें।
