
कोलकाता:
पश्चिम बंगाल सरकार ने सरकारी अस्पतालों के मरीजों और स्कूलों के विद्यार्थियों को बेहतर पोषण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से भोजन पर होने वाले खर्च में वृद्धि करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सरकार के अनुसार, संशोधित दरें 1 अगस्त 2026 से लागू होंगी। इस कदम का उद्देश्य बढ़ती महंगाई के बीच भोजन की गुणवत्ता बनाए रखना और जनस्वास्थ्य को मजबूत करना है।
🏥 अस्पतालों में मरीजों को मिलेगा बेहतर भोजन
राज्य सरकार ने सरकारी अस्पतालों में भर्ती मरीजों के दैनिक भोजन पर होने वाले खर्च को 56.64 टका से बढ़ाकर 110 टका करने का निर्णय लिया है। इस संशोधन से मरीजों को अधिक संतुलित और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है, जिससे उनके उपचार और स्वास्थ्य लाभ की प्रक्रिया को बेहतर समर्थन मिल सकेगा।
🏫 स्कूलों में पोषण पर विशेष ध्यान
सरकार ने PM POSHAN योजना के तहत प्री-प्राइमरी और प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए खाना पकाने की दैनिक लागत 6.78 टका से बढ़ाकर 10 टका कर दी है। सरकार के अनुसार, बढ़ी हुई राशि का अतिरिक्त भार राज्य सरकार वहन करेगी, ताकि बच्चों को बेहतर गुणवत्ता वाला भोजन उपलब्ध कराया जा सके।
🌱 पोषण और जनकल्याण को मिलेगी मजबूती
बढ़ती खाद्य कीमतों के बीच भोजन की गुणवत्ता बनाए रखना एक बड़ी चुनौती रही है। ऐसे में सरकार का यह निर्णय सार्वजनिक स्वास्थ्य और बाल पोषण को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बेहतर पोषण से बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के साथ-साथ मरीजों के स्वास्थ्य सुधार में भी सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है।
🤝 सामाजिक कल्याण की दिशा में पहल
विशेषज्ञों का मानना है कि गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना केवल स्वास्थ्य का विषय नहीं, बल्कि सामाजिक विकास और मानव संसाधन निर्माण का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है। पोषण संबंधी निवेश से शिक्षा, स्वास्थ्य और समग्र जीवन गुणवत्ता पर दीर्घकालिक सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
✨ निष्कर्ष
पश्चिम बंगाल सरकार का यह निर्णय सार्वजनिक स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में पोषण को प्राथमिकता देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यदि इस पहल का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाता है, तो इससे अस्पतालों के मरीजों और लाखों स्कूली बच्चों को बेहतर पोषण का लाभ मिलेगा तथा राज्य में जनकल्याण से जुड़े प्रयासों को नई मजबूती मिलेगी।
