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उत्तर प्रदेश में ₹1.8 करोड़ की साइबर ठगी का खुलासा: चंदौली पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 12 आरोपी गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश में साइबर अपराध लगातार नई चुनौतियां पैदा कर रहे हैं। इसी बीच चंदौली पुलिस ने “साइबर वज्र” अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो ऑनलाइन धोखाधड़ी के जरिए लोगों को आर्थिक नुकसान पहुंचा रहा था। इस कार्रवाई में 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। प्रारंभिक जांच में लगभग 1.8 करोड़ रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस की इस कार्रवाई को प्रदेश में साइबर अपराध के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

अभियान के तहत बड़ी सफलता

चंदौली पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे “साइबर वज्र” अभियान के दौरान तकनीकी निगरानी, डिजिटल साक्ष्यों और खुफिया सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई की। पुलिस ने विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर 12 संदिग्धों को गिरफ्तार किया। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस गिरोह के तार अन्य राज्यों या अंतरराष्ट्रीय साइबर नेटवर्क से जुड़े हैं या नहीं।

कैसे होती थी साइबर ठगी

प्रारंभिक जांच के अनुसार आरोपी अलग-अलग तरीकों से लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। इनमें फर्जी कॉल, ऑनलाइन निवेश के नाम पर झांसा, बैंक खाते और ओटीपी से जुड़ी धोखाधड़ी, डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग तथा नकली पहचान के माध्यम से लोगों से धन ऐंठने जैसी गतिविधियां शामिल हो सकती हैं। पुलिस इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और बैंक खातों की जांच कर पूरे नेटवर्क का पता लगाने का प्रयास कर रही है।

1.8 करोड़ रुपये के लेनदेन की जांच

पुलिस जांच में अब तक करीब 1.8 करोड़ रुपये के संदिग्ध वित्तीय लेनदेन का खुलासा हुआ है। जांच एजेंसियां यह पता लगा रही हैं कि इस राशि का इस्तेमाल किन खातों में किया गया, धन को कहां स्थानांतरित किया गया और इसमें कितने लोग शामिल थे। बैंकिंग रिकॉर्ड, मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य डिजिटल उपकरणों की फोरेंसिक जांच भी की जा रही है।

साइबर अपराध पर पुलिस की सख्ती

उत्तर प्रदेश पुलिस लगातार साइबर अपराध पर नियंत्रण के लिए विशेष अभियान चला रही है। “साइबर वज्र” अभियान का उद्देश्य ऐसे गिरोहों की पहचान कर उन्हें कानून के दायरे में लाना है। विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीकी संसाधनों और डिजिटल जांच की मदद से अब साइबर अपराधियों तक पहुंचना पहले की तुलना में अधिक प्रभावी हो गया है।

नागरिकों के लिए सतर्क रहने की जरूरत

विशेषज्ञों का कहना है कि साइबर ठगी से बचने के लिए लोगों को कुछ महत्वपूर्ण सावधानियां अपनानी चाहिए।

निष्कर्ष

चंदौली पुलिस द्वारा “साइबर वज्र” अभियान के तहत की गई कार्रवाई साइबर अपराध के खिलाफ एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। 12 आरोपियों की गिरफ्तारी और लगभग 1.8 करोड़ रुपये की संदिग्ध साइबर ठगी का खुलासा यह दर्शाता है कि साइबर अपराधी लगातार नए तरीके अपनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। ऐसे में कानून प्रवर्तन एजेंसियों की सक्रियता के साथ-साथ नागरिकों की डिजिटल जागरूकता भी उतनी ही आवश्यक है। यदि लोग सतर्क रहें और ऑनलाइन लेनदेन के दौरान सावधानी बरतें, तो साइबर ठगी जैसी घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।

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