
उत्तर प्रदेश में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को बड़ी सफलता मिली है। चंदौली पुलिस ने ‘साइबर वज्र’ अभियान के तहत कार्रवाई करते हुए 12 शातिर साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में करीब ₹1.8 करोड़ की ऑनलाइन ठगी का खुलासा हुआ है। इस कार्रवाई को प्रदेश में साइबर अपराध के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी संगठित तरीके से लोगों को फर्जी कॉल, सोशल मीडिया, बैंकिंग फ्रॉड, निवेश के झूठे ऑफर और अन्य ऑनलाइन तरीकों से अपने जाल में फंसाकर ठगी करते थे। शुरुआती जांच में सामने आया है कि गिरोह ने कई राज्यों के लोगों को निशाना बनाया और करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी को अंजाम दिया।
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन, लैपटॉप, एटीएम कार्ड, बैंक पासबुक, सिम कार्ड और अन्य डिजिटल उपकरण बरामद किए हैं। इन उपकरणों की फॉरेंसिक जांच की जा रही है ताकि गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और ठगी के पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ‘साइबर वज्र’ अभियान का उद्देश्य साइबर अपराधियों पर सख्त कार्रवाई के साथ-साथ लोगों को डिजिटल धोखाधड़ी के प्रति जागरूक करना भी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ते डिजिटल लेनदेन के दौर में साइबर अपराध भी तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में किसी भी अनजान कॉल, संदिग्ध लिंक, फर्जी निवेश योजना या ओटीपी साझा करने से बचना बेहद जरूरी है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या संबंधित पुलिस थाने से संपर्क करें।
चंदौली पुलिस की यह कार्रवाई स्पष्ट संदेश देती है कि साइबर अपराधियों के खिलाफ कानून का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। आने वाले समय में ऐसे अभियानों के जरिए साइबर ठगी के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने की दिशा में और भी कड़ी कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है।
