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बरेली: छात्रा को सेनेटरी पैड देने की बजाय क्लास से निकाला, पिता ने की शिकायत

बरेली में एक महिला कॉलेज से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां पीरियड्स के दौरान छात्रा को सेनेटरी पैड देने की बजाय क्लास से बाहर कर दिया गया। पीड़ित छात्रा करीब एक घंटे तक क्लास के बाहर खड़ी रही और मदद न मिलने पर घर जाने को मजबूर हो गई। इस घटना ने न केवल छात्रा को मानसिक आघात दिया, बल्कि कॉलेज प्रशासन पर गंभीर सवाल भी खड़े किए हैं।

छात्रा के पिता ने की सख्त कार्रवाई की मांग

इस घटना से आहत छात्रा के पिता ने डीएम, डीआईओएस (जिला विद्यालय निरीक्षक), राज्य महिला आयोग और महिला कल्याण विभाग में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने शिकायत में लिखा कि यह कॉलेज केवल लड़कियों का है, फिर भी छात्रा को सेनेटरी पैड उपलब्ध नहीं कराया गया। इसके बजाय उसे घर भेज दिया गया, जिससे उसे शर्मिंदगी और असहजता का सामना करना पड़ा।

छात्रा के पिता ने अपनी शिकायत में कहा,
“एक महिला होकर टीचर मेरी बेटी की समस्या को नहीं समझ पाईं। यह घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और कॉलेज प्रशासन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।”

कॉलेज प्रशासन का बयान

कॉलेज की प्रिंसिपल रचना अरोरा ने इस घटना पर सफाई देते हुए कहा कि यह छुट्टी के समय की बात है। उन्होंने कहा,
“कॉलेज महिला छात्रों के लिए है, और यहां टीचर्स के पास आमतौर पर सेनेटरी पैड उपलब्ध होते हैं। लेकिन क्यों पैड देने से इनकार किया गया, इसकी जांच कराई जा रही है। जब तक मुझे जानकारी मिली, तब तक छात्रा घर जा चुकी थी।”

डीआईओएस ने दी प्रतिक्रिया

डीआईओएस देवकी नंदन ने कहा कि इस मामले की शिकायत मिली है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि दोषी पाए जाने पर उचित कार्रवाई की जाएगी।

महिला अधिकारों पर बड़ा सवाल

इस घटना ने महिला शिक्षा और उनकी स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। एक महिला कॉलेज में ऐसी संवेदनहीनता दर्शाती है कि अभी भी कई शैक्षणिक संस्थानों में महिला छात्रों की बुनियादी जरूरतों को लेकर जागरूकता की कमी है।

निष्कर्ष

इस घटना ने महिला स्वास्थ्य और जागरूकता को लेकर एक महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया है। कॉलेज प्रशासन की यह जिम्मेदारी है कि वे महिला छात्रों की जरूरतों का ध्यान रखें और ऐसी घटनाओं से बचने के लिए उचित कदम उठाएं। जांच के बाद दोषी पाए जाने पर उचित कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।

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