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वाराणसी को मिलेगी नई रफ्तार: ₹10,998.32 करोड़ की एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना को केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी

नई दिल्ली/वाराणसी: केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश के वाराणसी शहर में यातायात व्यवस्था को आधुनिक और सुगम बनाने की दिशा में एक बड़ा फैसला लिया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ₹10,998.32 करोड़ की कुल पूंजीगत लागत वाली एक महत्वाकांक्षी सड़क अवसंरचना परियोजना को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना के तहत वरुणा नदी के किनारे 6/4-लेन एलिवेटेड कॉरिडोर, रैंप, लूप तथा अन्य सहायक संरचनाओं का निर्माण हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (Hybrid Annuity Model-HAM) के माध्यम से किया जाएगा।

इसके साथ ही मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय राजमार्ग-19 (NH-19) और वाराणसी रिंग रोड के बीच 6-लेन ग्रीनफील्ड एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण को भी स्वीकृति प्रदान की है। इस परियोजना में यातायात की बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए रैंप, लूप और पैदल यात्रियों की सुविधा हेतु फुट ओवरब्रिज (FOB) का निर्माण भी शामिल है।

वाराणसी की यातायात व्यवस्था में आएगा बड़ा बदलाव

वाराणसी देश के सबसे प्राचीन और प्रमुख धार्मिक, सांस्कृतिक तथा पर्यटन शहरों में से एक है। हर वर्ष लाखों श्रद्धालु, पर्यटक और स्थानीय नागरिक शहर की सड़कों का उपयोग करते हैं, जिससे कई क्षेत्रों में भारी यातायात दबाव देखने को मिलता है।

नई एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना का उद्देश्य शहर के भीतर ट्रैफिक जाम को कम करना, यात्रा समय घटाना और प्रमुख मार्गों के बीच निर्बाध संपर्क स्थापित करना है। इससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों और व्यापारिक गतिविधियों को भी बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।

परियोजना की प्रमुख विशेषताएं

हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM) क्या है?

हाइब्रिड एन्युटी मॉडल भारत में सड़क अवसंरचना परियोजनाओं के लिए अपनाया जाने वाला एक सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल है। इसमें परियोजना की लागत का एक हिस्सा सरकार द्वारा निर्माण अवधि के दौरान उपलब्ध कराया जाता है, जबकि शेष निवेश निजी डेवलपर करता है। परियोजना के पूरा होने के बाद निर्धारित अवधि तक सरकार निजी भागीदार को भुगतान करती है। इस मॉडल से निर्माण कार्य में गति, गुणवत्ता और वित्तीय संतुलन बनाए रखने में मदद मिलती है।

क्षेत्रीय विकास को मिलेगा बढ़ावा

इस परियोजना के पूरा होने के बाद वाराणसी और उसके आसपास के क्षेत्रों की सड़क संपर्क व्यवस्था पहले की तुलना में अधिक तेज, सुरक्षित और आधुनिक होगी। इससे माल परिवहन, औद्योगिक गतिविधियों, पर्यटन और निवेश को प्रोत्साहन मिलने की संभावना है। साथ ही शहर में बढ़ते वाहन दबाव को कम करने और बेहतर शहरी परिवहन व्यवस्था विकसित करने में भी यह परियोजना महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

पर्यटन और अर्थव्यवस्था को होगा लाभ

वाराणसी धार्मिक पर्यटन का वैश्विक केंद्र है। काशी विश्वनाथ धाम, गंगा घाटों और अन्य प्रमुख स्थलों पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। बेहतर सड़क संपर्क और तेज यातायात व्यवस्था से पर्यटकों की आवाजाही आसान होगी। इससे होटल, परिवहन, व्यापार, स्थानीय बाजार और सेवा क्षेत्र को भी नई गति मिलने की संभावना है।

रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे

परियोजना के निर्माण चरण में इंजीनियरों, तकनीकी विशेषज्ञों, निर्माण श्रमिकों और विभिन्न सेवा क्षेत्रों में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे। इसके अलावा परियोजना पूरी होने के बाद क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों के विस्तार से दीर्घकालिक रोजगार सृजन को भी बढ़ावा मिलेगा।

निष्कर्ष

₹10,998.32 करोड़ की यह एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना वाराणसी के शहरी विकास और आधुनिक परिवहन नेटवर्क की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। वरुणा नदी के किनारे बनने वाला 6/4-लेन एलिवेटेड कॉरिडोर तथा NH-19 से वाराणसी रिंग रोड तक प्रस्तावित 6-लेन ग्रीनफील्ड एलिवेटेड कॉरिडोर शहर की कनेक्टिविटी को नई मजबूती देगा। इसके माध्यम से यातायात सुगम होगा, यात्रा समय घटेगा, पर्यटन और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा तथा वाराणसी के समग्र आर्थिक एवं अवसंरचनात्मक विकास को नई दिशा प्राप्त होगी।

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