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🚨 गुजरात ATS का बड़ा एक्शन! जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़, 13 आरोपी गिरफ्तार

गुजरात ATS ने 17 जुलाई 2026 को एक बड़ी आतंकवाद विरोधी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान-आधारित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़े एक मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है। जांच में सामने आया है कि आरोपी पिछले तीन वर्षों से कथित तौर पर IED बनाने, विस्फोटक परीक्षण करने और कट्टरपंथी विचारधारा के प्रचार-प्रसार में सक्रिय थे। इस कार्रवाई ने देश की आंतरिक सुरक्षा को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

🛑 क्या है पूरा मामला?

गुजरात ATS ने इस मामले में कुल 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से 5 आरोपियों की ताजा गिरफ्तारी की गई है। गिरफ्तारी की कार्रवाई मुख्य रूप से पाटन और बनासकांठा जिलों में की गई। जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी लंबे समय से एक संगठित नेटवर्क के रूप में काम कर रहे थे।

💣 तीन वर्षों तक किए गए विस्फोटक परीक्षण

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने वर्ष 2023 से 2026 के बीच कम से कम आठ बार विस्फोटकों का परीक्षण किया। कथित तौर पर टाइमर मैकेनिज्म और क्रूड बम तैयार करने के प्रयास भी किए गए थे। यह तथ्य सुरक्षा एजेंसियों के लिए बेहद गंभीर माना जा रहा है।

📚 कट्टरपंथी साहित्य और नकदी बरामद

ATS की कार्रवाई के दौरान जैश-ए-मोहम्मद के संस्थापक मसूद अज़हर से संबंधित साहित्य, संगठन के झंडे और लगभग 1.3 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं। जांच एजेंसियां इन बरामद वस्तुओं की फोरेंसिक और डिजिटल जांच भी कर रही हैं।

🌐 स्थानीय नेटवर्क बनाकर फैलाया जा रहा था प्रभाव

जांच में यह भी सामने आया है कि “दारुल इस्लाम गुजरात” नामक एक स्थानीय संगठन के माध्यम से कथित तौर पर कट्टरपंथी विचारधारा को बढ़ावा देने और युवाओं को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा था। सुरक्षा एजेंसियां इस नेटवर्क के अन्य संभावित सदस्यों की पहचान करने में जुटी हैं।

📱 सीमा पार संपर्क के मिले संकेत

आरोपियों के मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरणों की जांच में पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स से संभावित संपर्क के संकेत मिलने की बात सामने आई है। डिजिटल साक्ष्यों की विस्तृत जांच जारी है, जिससे पूरे नेटवर्क का खुलासा होने की संभावना जताई जा रही है।

⚖️ UAPA और BNS के तहत मामला दर्ज

इस मामले में 2 जुलाई 2026 को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच एजेंसियां आरोपियों से पूछताछ कर नेटवर्क के अन्य पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।

🔐 देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए बड़ा संकेत

यह मामला दर्शाता है कि सुरक्षा एजेंसियों के सामने कट्टरपंथी संगठनों के स्थानीय नेटवर्क की पहचान और उन्हें समय रहते निष्क्रिय करना एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। साथ ही, यह भी स्पष्ट होता है कि डिजिटल माध्यमों और स्थानीय स्तर पर युवाओं को प्रभावित करने के प्रयासों पर लगातार निगरानी बनाए रखना आवश्यक है।

📌 निष्कर्ष

गुजरात ATS की यह कार्रवाई देश की सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है। समय रहते इस मॉड्यूल का भंडाफोड़ होने से संभावित खतरों को टालने में मदद मिली है। मामले की जांच अभी जारी है और सुरक्षा एजेंसियों ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है। न्यायालय द्वारा दोष सिद्ध होने तक सभी गिरफ्तार व्यक्ति कानून की नजर में आरोपी ही माने जाएंगे।

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