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भारतीय शेयर बाजार में गिरावट: विदेशी निवेशकों की बिकवाली से बाजार दबाव में

बुधवार को भारतीय शेयर बाजार कमजोरी के साथ खुले, क्योंकि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की लगातार बिकवाली से इक्विटी बाजार पर दबाव बना रहा।

शेयर बाजार का हाल

बाजार की शुरुआत में ही कमजोरी देखने को मिली। निफ्टी 50 इंडेक्स 22,857.20 पर खुला, जो पिछले बंद के मुकाबले 55.95 अंकों या 0.24% की गिरावट दर्शाता है। वहीं, बीएसई सेंसेक्स 75,612.61 पर खुला, जिसमें 123.35 अंकों या 0.16% की गिरावट देखी गई।

किन वजहों से गिरावट आई?

विशेषज्ञों के अनुसार, भारतीय शेयर बाजार अभी भी अपने मुख्य समर्थन स्तरों को बनाए रखने में सफल रहा है, लेकिन कमजोर आय (earnings) अनुमान और लगातार एफपीआई बिकवाली के कारण दबाव में है।

इसके अलावा, वैश्विक बाजारों में गिरावट और घरेलू आर्थिक संकेतकों पर भी निवेशकों की नजर बनी हुई है। अमेरिकी बाजारों में गिरावट का मुख्य कारण वॉलमार्ट की कमजोर गाइडेंस और ट्रम्प टैरिफ के कारण मुद्रास्फीति पर बढ़ते प्रभाव की चिंता है।

अंतरराष्ट्रीय बाजारों का असर

बाजार विशेषज्ञ अजय बग्गा ने एएनआई से बातचीत में बताया कि जापान में मुद्रास्फीति 4% तक पहुंच गई है, जिससे बैंक ऑफ जापान आगे ब्याज दरों में वृद्धि कर सकता है। इससे येन की मजबूती और जापानी ट्रेजरी यील्ड में वृद्धि देखी गई है।

उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय बाजार महत्वपूर्ण समर्थन स्तरों को बनाए रखने में सक्षम रहा है, लेकिन एफपीआई की बिकवाली और कमजोर आय अनुमान के कारण सतर्क रहने की जरूरत है। बाजार का दायरा फिलहाल सीमित रह सकता है और निवेशकों को सतर्क रुख अपनाना चाहिए।

निवेशकों के लिए क्या रणनीति होनी चाहिए?

लॉन्ग-टर्म निवेशक: मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियों पर ध्यान केंद्रित करें।

शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स: बाजार के सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव का फायदा उठाने की रणनीति अपनाएं।

ग्लोबल इवेंट्स पर नजर: अमेरिकी और जापानी अर्थव्यवस्था से जुड़ी खबरों को ध्यान में रखते हुए निवेश निर्णय लें।

निष्कर्ष

भारतीय शेयर बाजार विदेशी निवेशकों की बिकवाली और वैश्विक घटनाओं के कारण दबाव में है। हालांकि, प्रमुख समर्थन स्तर बने हुए हैं, लेकिन निवेशकों को सतर्क रहकर ही फैसले लेने चाहिए।

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